इटावा। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम नीरज कुमार गर्ग ने छह साल पुराने दहेज हत्या के मामले में पति को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि औरैया के गांव शहाब्दा निवासी कुलदीप कुमार ने बहन आरती की शादी भरथना थानाक्षेत्र के गांव कुंअरा निवासी रंजीत के साथ 27 नवंबर 2014 को की थी। शादी के बाद आरती के सुसराली दहेज में पांच लाख रुपये की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर आरती का उत्पीड़न शुरू कर दिया। 26 फरवरी 2016 को उसकी हत्या कर दी थी।
गांव के लोगों की सूचना पर कुलदीप परिवार के साथ कुंअरा गांव पहुंचा तो बहन का शव घर में पड़ा मिला था। उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया था। विवेचना के बाद पुलिस ने पति रंजीत कुमार व सास कृष्णा देवी उर्फ उर्मिला के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता तरुण कुमार शुक्ला की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने पति रंजीत कुमार को दोषी पाकर सजा सुनाई है। सास कृष्णा देवी को बरी कर दिया।