फोटो: 23 गांव में शिविर लगाकर मरीजों की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत विभाग
इटावा। मौसम के बदलते मिजाज के बीच दिन में गर्मी और रात में ठंडक का असर लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों बुखार, खांसी, जुकाम और गले में खराश की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इटावा में दिन और रात के तापमान में लगातार करीब 8 से 10 डिग्री सेल्सियस का अंतर है। चिकित्सकों के अनुसार, मौसम में बदलाव के दौरान वायरल और सांस संबंधी संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं, इसलिए तापमान के उतार-चढ़ाव से बचाव जरूरी है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में गुरुवार को 1089 मरीज दिखाने के लिए आए। इनमें से लगभग 350 मरीज खांसी, जुकाम और बुखार के रहे। डॉक्टरों के अनुसार, दिन और रात के तापमान में अंतर की वजह से लोग इस तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के इटावा केंद्र के अनुसार, 28 सितंबर को न्यूनतम तापमान 22 और अधिकतम 32 डिग्री रहने का अनुमान था। 29 सितंबर को 24 और 32 डिग्री, 30 सितंबर को 24 और 33 डिग्री तथा एक अक्तूबर को 25 और 33 डिग्री तापमान रहने का अनुमान दर्ज किया गया।
दो अक्तूबर को न्यूनतम 24 और अधिकतम 34 डिग्री, जबकि तीन और चार अक्तूबर को 25 और 34 डिग्री तापमान रहने का पूर्वानुमान है। इस तरह पूरे सप्ताह दिन-रात के तापमान में 8 से 10 डिग्री का अंतर बना रह सकता है। आईएमडी के 30 सितंबर के आंकड़ों में इटावा का अधिकतम तापमान 32 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.4 डिग्री कम था।
हरदासपुरा में दो डेंगू मरीज मिले
उदी। बढ़पुरा ब्लॉक के ग्राम हरदासपुरा में दो लोगों में डेंगू के संक्रमण की पुष्टि हुई है। गांव में दो लोगों के डेंगू की चपेट में आने के बाद बृहस्पतिवार को सीएचसी उदी की टीम गांव में पहुंची और विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया। शिविर में 28 ग्रामीणों की जांच की गई। टीम ने घरों और आसपास मच्छरों के पनपने वाले स्थानों की पड़ताल कर सोर्स रिडक्शन कराया व लार्वा की रोकथाम के लिए दवा का छिड़काव भी कराया गया। सीएचसी उदी के अधीक्षक डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि दो डेंगू मरीज मिलने के बाद हरदासपुरा में कैंप लगाकर जांच कराई गई। दवा का छिड़काव कराई जा रहा है और जरूरतमंद मरीजों को दवाएं वितरित की जा रही हैं।
फोटो: 23 गांव में शिविर लगाकर मरीजों की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत विभाग