इटावा। जिले में 100 बेड का ग्रेड वन कोराना अस्पताल बनकर तैयार है। मंडल के सभी कोरोना अस्पताल भरने के बाद इसमें मरीजों को भर्ती किया जाएगा। अस्पताल में आक्सीजन सिलिंडर भी आरक्षित कर लिए गए हैं।
सीएमओ डॉ. एनएस तोमर ने बताया कि मंडल में कोरोना के इलाज के लिए ग्रेड वन से ग्रेडथ्री तक के अस्पताल हैं। सैफई में चिकित्सा विश्वविद्यालय में ग्रेड थ्री अस्पताल है। इसमें 72 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। कानपुर और कन्नौज में मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों के अलावा सभी जिलों में ग्रेड वन अस्पताल भी बनाए गए हैं। इटावा जिले का पहला ग्रेड वन अस्पताल जसवंतनगर में बनाया गया था। 30 बेड का ये अस्पताल मरीजों से भर चुका है। कानपुर देहात, कन्नौज के अस्पताल भी भर चुके हैं। अब मरीजों को औरैया के दिबियापुर अस्पताल भेजा जा रहा है। इस अस्पताल के भरने पर मरीज फर्रुखाबाद जिले के अस्पताल में भेजे जाएंगे। मंडल के सभी ग्रेड वन अस्पताल भरने पर इटावा का दूसरा ग्रेड वन अस्पताल खोल दिया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि दूसरा ग्रेेडवन अस्पताल नारायण इंटर कॉलेज में बनाया गया है। इसमें 100 बेड की व्यवस्था है। बेड लगाने के साथ अन्य सुविधाएं भी पूरी हैं। आक्सीजन सिलिंडर भी आरक्षित कर लिए गए हैं। संयुक्त निदेशक का आदेश मिलते ही अस्पताल को खोल दिया जाएगा।