इटावा। चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई के कुलपति एवं जाने माने न्यूरो सर्जन प्रो. डा. राजकुमार की पुस्तक सिर की चोट का विमोचन बुधवार को विश्वविद्यालय के आडीटोरियम में किया गया।
कुलपति प्रो. डा. राजकुमार ने कहा कि सिर की चोट एक घातक, चुपचाप एवं अचानक होने वाली दुर्घटना है। प्रतिवर्ष पूरे विश्व में सिर की चोट से 6.0 मिलियन लोग प्रभावित हैं। भारत में प्रतिवर्ष 1.5 मिलियन से ज्यादा लोगों के चोट सिर पर लगती है जिसमें से 75-80 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं के कारण होती है। उन्होंने बताया कि देश में प्रति मिनट एक दुर्घटना होती है। हर 4 मिनट में दुर्घटना के कारण एक मौत हो जाती है। बताया कि सामान्यत: 50 प्रतिशत गंभीर सिर की चोट से मरीजों की मृत्यु हो जाती है। 25 प्रतिशत गंभीर घायल मरीजों में अच्छा सुधार हो जाता है। 50-60 प्रतिशत साधारण हेड इंजरी के मरीजों में आगे आने वाले दिनों में कोई समस्या नहीं होती है।
उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों में सुधार करके, सड़कों की हालत दुरुस्त करके, सड़कों के किनारे उचित प्रकाश की व्यवस्था करके इसकी रोकथाम की जा सकती है। हेलमेट का प्रयोग, कार में सीट बेल्ट का प्रयोग, उचित लाइसेंस, शराब पीकर वाहन चलाने पर रोक, ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन इत्यादि से यह दुर्घटनाएं रोकी जा सकती हैं।
प्रति कुलपति डा. रमाकांत यादव ने कहा कि कुलपति एवं जाने माने न्यूरो सर्जन प्रो. डा. राजकुमार की हिंदी में लिखित इस पुस्तक से हेड इंजरी एवं उसके इलाज एवं संबंधित भ्रांतियों को साधारण शब्दों में चिकित्सा एवं चिकित्सा से जुड़े लोगों के साथ जनसाधारण को समझाने का प्रयास किया गया है।
आंकड़ों के अनुसार यमुना एक्सप्रेस-वे पर अगस्त 2012 से मार्च 2018 तक लगभग 4956 सड़क दुर्घटनायें हुई हैं। जिसमें 7671 अत्यंत गंभीर चोटें आई हैं। 713 मृत्यु हुई। यूपीडा की गणना के अनुसार 23.42 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं रोड के मानकों के अनुसार अधिक चाल से गाड़ी चलाने की वजह से हुई। 12 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं गाड़ी का टायर फटने की वजह से हुई।
इस मौके पर संकाय अध्यक्ष डा. आलोक कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डा. आदेश कुमार, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा, निदेशक वित्त गुरुजीत सिंह कलसी सहित फैकेल्टी मेंबर मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टूडेंट्स एवं चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।
कैसे रोकी जा सकती हैं दुर्घटनाएं
ट्रैफिक नियमों में सुधार करके
सड़कों की हालत दुरुस्त करके
सड़कों के किनारे उचित प्रकाश की व्यवस्था करके
वाहन चलाते समय फोन का उपयोग न करना
निद्रा एवं नशे में वाहन न चलाना