फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूनिसेफ टीम ने किया पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण

विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। लखनऊ से आई यूनिसेफ की दो सदस्यीय टीम ने जिला अस्पताल के एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने द्वितीय तल पर मौजूद एनआरसी वार्ड पहुंचकर वार्ड को देखा, बच्चे की मां के भुगतान के बारे में जानकारी ली। दो बच्चों का वजन करवाया और परिजनों से बात की।
विज्ञापन

टीम मेें स्टेट कोआर्डिनेटर रीमा सिंह, मंडल कोआर्डिनेटर आशीष शुक्ला शुक्रवार की शाम करीब छह बजे जिला अस्पताल पहुंचे और केवल एनआरसी का निरीक्षण करने के बाद लौट गए। एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) वार्ड में भीमनगर महेवा निवासी लाखन सिंह की पुत्री मीनाक्षी उम्र दो वर्ष 13 नवंबर से भर्ती है। मीनाक्षी की मां वर्षा ने बताया कि मीनाक्षी के पैर में दर्द रहता है। इस वजह से बैठ भी नहीं पाती। इसी प्रकार ग्राम चकवाखुर्द निवासी कबीर सिंह की पुत्री गौरी उम्र दो वर्ष आठ माह भी भर्ती है। दादी कमलेश ने बताया कि गौरी भी 13 नवंबर से भर्ती और उल्टी-दस्त हो रही है। अभी चल भी नहीं पा रही है।
एनआरसी वार्ड की प्रभारी पल्लवी दुबे ने बताया कि वार्ड दस बेड का है। छह माह से लेकर पांच वर्ष तक के बच्चों को भर्ती किया जाता है। अभी दो बच्चे भर्ती हैं। कम वजन वाले बच्चों को 15-15 दिन के लिए भर्ती किया जाता है। जिन्हें दूध, खिचड़ी, हलवा, फल दिया जाता है। छुट्टी करने के बाद 15-15 दिन के लिए चार बार बुलाया जाता है। बच्चों की मां को इस दौरान 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिया जाता है, जबकि दोबारा से बुलाने पर 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिया जाता है। बच्चों की मां को भी अस्पताल से खाना दिया जाता है। निरीक्षण के दौरान डा. निखिलेश, प्रभारी पल्लवी दुबे, हरिओम, रजनी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें