इटावा। जनपद में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार रात डेंगू से 14वीं मौत भरथना क्षेत्र के ग्राम कुसुना की छह वर्षीय बालिका की हुई है। वह सैफई मिनी पीजीआई में भर्ती थी। बालिका का भाई भी बुखार से पीड़ित है।
मृतका के पिता जलभरत ने बताया कि उसकी छह वर्षीय पुत्री आरजू को बुखार आने पर 14 नवंबर को निजी चिकित्सक को दिखाया। आराम न मिलने पर दूसरे दिन इटावा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। 15 नवंबर की डॉक्टर ने पुत्री को डेंगू बताते हुए सैफई ले जाने की सलाह दी।
रात 8 बजे बीमार पुत्री को सैफई लेकर पहुंचे जहां शुक्रवार की रात करीब साढ़े दस बजे आरजू की मौत हो गई। जलभरत ने बताया कि उसका 9 वर्षीय पुत्र असित भी बुखार से पीड़ित है।
बताया की आरजू की मौत की जानकारी मिलने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सीय टीम ने अधीक्षक डॉ. अमित दीक्षित के नेतृत्व में गांव का निरीक्षण किया।
इधर, डॉ. अमित का कहना है कि जलभरत की पुत्री आरजू तीन दिन से बुखार से पीड़ित थी। आरजू की मृत्यु श्वसन तंत्र संक्रमण के कारण हुई है। परिजनों ने इटावा में निजी अस्पताल में दिखाया। इसमें जुकाम, बुखार और सीने में इंफैक्शन पाया गया। जलभरत का सात वर्षीय पुत्र असित सिर्फ बुखार से पीड़ित है। उसे दवा दे दी गई है। उसके खून की जांच में डेंगू की कोई पुष्टि नहीं हुई है। जलभरत के घर में एंटी लार्वा दवा डालकर छिड़काव कराया गया। इधर, बताया गया कि भरथना में इससे पूर्व ऊमरसेंडा निवासी 58 वर्षीय शिव कुमार पांडेय व ब्रजराजनगर निवासी 65 वर्षीय राविंद्र श्रीवास्तव की मौत हो चुकी है।
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में शनिवार को 18 मरीजों ने डेंगू की जांच कराई। इनमें से तीन मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले। इनमें जयभारत कालोनी की श्वेता, एसडी फील्ड निवासी राहुल तथा पक्का बाग निवासी किरन शामिल हैं।
शनिवार को बुखार के जिन मरीजों ने डेंगू की जांच कराई उनमें शांती कालोनी के मथुरा प्रसाद, जिला अस्पताल परिसर की लक्ष्मी, पोस्ती खाना के शेख मोहम्मद, धामनगर की विमला देवी,नगला भिखन के मयंक, अशोक, अशोक नगर के अक्षय, टीला खुशाल भरथना की गीता व मयंक, गाड़ीपुरा की फराह, सिंचाई विभाग कालोनी की रजनी, लुधियांत इकदिल के ज्वाला प्रसाद तथा गाड़ीपुरा की मोनिका के नाम शामिल हैं।