इटावा। पिछले साल कायाकल्प की रैकिंग में प्रदेश में दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले क्रमश: जिला महिला व पुरुष अस्पताल इस साल फिसड्डी साबित हुआ हैं। तीसरे स्थान पर रहा पुरुष अस्पताल 17 वें स्थान पर पहुंच गया। इससे भी बदतर रैकिंग महिला अस्पताल की रही। वह दूसरे नंबर से सीधे 59 पर जाकर गिरा।
स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य बिंदुओं पर कायाकल्प योजना के तहत सरकारी अस्पतालों की रैकिंग होती है। 2016 की कायाकल्प रैकिंग में जिला पुरुष अस्पताल को प्रदेश में पहला स्थान मिल चुका है। वर्ष 2018-19 में 20 वां स्थान मिला था। 2019-20 में तीसरे स्थान पर रहा था। वर्ष 2020-21 में 85.5 प्रतिशत अंक के साथ 17वें स्थान पर जा पहुंचा। दूसरी ओर जिला महिला अस्पताल को वर्ष 2018-19 में 78.8 प्रतिशत नंबर के साथ 14 वें स्थान पर रहा था। वर्ष 2019-20 में दूसरे नंबर पर था। 2020-21 में 76.82 प्रतिशत अंक के साथ 59 वें स्थान पर जा पहुंचा।
पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ. एमएम आर्या का कहना है रैकिंग में जरूर गिरावट आई है, लेकिन अंक पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा आए हैं। उन्होंने जुलाई में सीएमएस का पद संभाला था। अक्टूबर की शुरुआत में कायाकल्प की टीम ने सर्वे किया था। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ.कजली गुप्ता ने बताया 15 अगस्त के बाद पदभार संभाला था। उस समय क्या था मुझे नहीं मालूम। एक बार अगस्त व दूसरी बार सितंबर में कायाकल्प की टीम आई थी। पहले कागजी स्तर पर काम होता था, अब जमीनी स्तर पर कार्य होता है।