इटावा। कोरोना काल में अब बुखार भी बड़ी बीमारी हो गई है। जरा सी हरारत होने पर शरीर का तापमान नापने की सलाह दी जाती है। इसके लिए थर्मामीटर की जरूरत होती है, जो लखना व बकेवर नगरीय क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर मेडिकल स्टोर से गायब हो गए हैं। जहां पर हैं वह इसके अधिक दाम वसूल रहे हैं।
डिजिटल थर्मामीटर के लिए लोग भटक रहे हैं। ऐसे में लोग परेशान हो रहे हैं। तेज बुखार कोरोना का एक लक्षण है। इसलिए सरकारी, गैर सरकारी संस्थानों में प्रवेश से पहले हर व्यक्ति का तापमान चेक किया जाता है। बुखार के मरीजों को डॉक्टर भी थर्मामीटर से दिन में सुबह, दोपहर और शाम को तापमान मापने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे में लोग भी जागरूक हैं। इस वजह से थर्मामीटर की मांग बढ़ती जा रही है।
लखना कस्बे के चकरनगर बाइपास स्थित एक मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया जो डिजिटल थर्मामीटर 70 से 80 रुपये का थोक में मिलता था। वह अब 150 से 160 रुपये में मिल रहा है। 50 से 60 रुपये में मिलने वाले साधारण थर्मामीटर के दाम भी बढ़ गए हैं। संवाद