अर्की अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर महज औपचारिकता निभाई जा रही है।
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राज्य पोषण मिशन से अब हौसला योजना भी जुड़ेगी। 15 जुलाई से शुरू होने वाली इस योजना का मकसद गर्भवती महिलाओं और कुपोषण के शिकार बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों तक लाना है। इसके लिए गर्भवती महिलाओं पर हर रोज 21 रुपये खर्च कर सरकार उन्हें मध्याह्न भोजन और फल मुहैया कराएगी। इसके साथ ही लाल श्रेणी के अति कुपोषित बच्चों को भी गर्म भोजन, फल और पंजीरी में मिलाने के लिए देशी घी दिया जाएगा।
हौसला पोषण योजना गर्भवती महिलाओं और छह माह से 6 वर्ष के अति कुपोषित बच्चों के लिए शुरू की जा रही है। योजना का संदेश वाक्य इसकी मंशा को स्पष्ट करता है। जिसमें कहा गया है कि बच्चे करें भोजन जरूर, कुपोषण को भगाएं दूर। इसी तरह गर्भवती महिलाआें को जागरूक करने के लिए कहा गया है कि कोई बच्चा ढाई किलो वजन से कम न हो। जिले में इस वक्त आंगनबाड़ी केंद्रों से कुल 19109 गर्भवती महिलाएं जुड़ी हैं। जबकि 2584 अति कुपोषित बच्चे लाल श्रेणी में दर्ज हैं। इस योजना पर खर्च होने वाली रकम ग्राम प्रधान और आंगनबाड़ी कार्यकत्री के संयुक्त खाते में जाएगी।
गर्भवती महिलाओं को मिडडे-मील उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की रहेगी। गर्भवती महिलाओं को हर रोज शिक्षा विभाग से संचालित मिडडे-मील से ही भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए हर रोज एक गर्भवती महिला पर 18 रुपये भोजन और 3 रुपये मौसमी फल उपलब्ध कराने पर खर्च होंगे। 2 रुपये प्रति गर्भवती महिला के हिसाब से मिडडे मील रसोइया को दिया जाएगा। इसके अलावा 21 ग्राम मिल्क पाउडर से बना दूध या दही सप्ताह में तीन दिन बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को मिलेगा। इसी तरह अतिकुपोषित बच्चों को इस योजना में गर्म भोजन देने का प्रावधान है। भोजन के अलावा उन्हें एक फल और पंजीरी में मिलाने के लिए 20 ग्राम देशी घी हर रोज मिलेगा।