इटावा सफारी पार्क में कैनाइन डिस्टेंपर संक्रमण से जूझ रही शेरनी ग्रीष्मा की हालत बिगड़ती जा रही है। सफारी पहुंचे अमेरिकन विशेषज्ञ भी ग्रीष्मा के इलाज के लिए तोड़ नहीं बता सके। अभी आईवीआरआई के निर्देशन में ही ग्रीष्मा को इलाज दिया जा रहा है। दस दिनों में ग्रीष्मा ने एक दो बार ही भोजन किया है। धीरे-धीरे उसका शरीर निढाल हो रहा है। डाक्टर ग्रीष्मा के शरीर में पानी और ताकत देने के लिए फ्लूड लगाए हैं। इसके जरिये उसे कुछ ऊर्जा मिल रही है।
ग्रीष्मा के कैनाइन डिस्टेंपर संक्रमण की चपेट में आने के बाद इटावा सफारी प्रशासन ने अमेरिकी विशेषज्ञों से मदद मांगी थी। जिस पर सोडियागो नेशनल पार्क अमेरिका के विशेषज्ञ डा. बारबरा डयेरेट और डा एंडयू ब्लू रविवार को इटावा सफारी पहुंचे। अभी अमेरिकी विशेषज्ञ स्थितियों का बारीकी से निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने ग्रीष्मा के उपचार में किसी फेरबदल की कोई सलाह नहीं दी है। सूत्रों के अनुसार विदेशी विशेषज्ञों ने वेटनरी हास्पिटल के अलावा ब्रीडिंग सेंटर और सफारी के कोर जोन, एनिमल हाउस का निरीक्षण किया। विदेशी विशेषज्ञ ब्रीडिंग सेंटर में मौजूद स्वस्थ शेरों क ो कैनाइन डिस्टेंपर संक्रमण से बचाने पर ज्यादा बल दे रहे हैं।