लवेदी। डिजिटल इंडिया के तहत ग्राम पंचायतों को हाईटेक करने के उद्देश्य से दो साल पहले जिले की ग्राम पंचायतों में भारत सरकार के उपक्रम दूर संचार निगम लिमिटेड ने वाई-फाई उपकरण लगाए थे।
हालात ये हैं कि दो साल बाद भी ये उपकरण अभी तक चालू नहीं हो सके है। ऐसे में डिजिटल इंडिया का सपना अधूरा है। ऐसे में न तो ग्राम पंचायतें हाईटेक हो सकीं, न ही पंचायत कर्मियों की भागदौड़ कम हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को पूरा करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के लिए दो साल पहले महेवा ब्लाक की ग्राम पंचायतों में वाई-फाई के उपकरण तो लगा दिए गये। लेकिन यह सुविधा चालू ना होने से लगी यह उपकरण केवल शो पीस बने हैं।
महेवा एडीओ पंचायत श्यामबरन राजपूत ने बताया कि वाई फाई सेवा ग्राम पंचायतों में गांवों को डिजिटल माडल बनाने के लिए बीएसएनएल ने लगाए थे। जो अभी तक हैंडओवर न होने चलते शुरू नहीं हो सके हैं।
इसलिए शुरू की गई थी योजना
ग्रामीणों को शासन की विभिन्न प्रकार की योजनाओं की जानकारी व उनके क्रियान्वयन के लिए ब्लाक मुख्यालय जाना पड़ता था। इस समस्या को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से सभी ग्राम पंचायतों में ब्रॉ़डबैंड कनेक्शन या फिर वाई-फाई से जोड़ा जाना था। ताकि ग्राम पंचायत स्तर पर ही लोगों को सरकार की योजनाओं की जानकारी मिल सके।
सेवा शुरू कराने के नहीं किए जा रहे प्रयास
केंद्र सरकार की योजना के तहत ग्राम पंचायतों को डिजिटल करने का जिम्मा बीएसएनएल को दिया गया था। यह काम कंपनी ने शुरू कराते हुए ग्राम पंचायतों में वाई-फाई व ब्रॉडबैंड कनेक्शन तो लगा दिए लेकिन इनकी सेवा शुरू नहीं की। इस सेवा को शुरू कराने के लिए जिले स्तर या शासन स्तर पर कोई प्रयास नहीं हो रहा है। इस कारण डिजिटल इंडिया का सपना दूर की कौड़ी बना हुआ है।