ग्राम पंचायत अधिकारी एवं विकास अधिकारी संघ ने अपने मानसिक एवं सामाजिक उत्पीड़न की शिकायत डीएम श्रुति सिंह से की है। दोनों ही संघों ने कहा कि जब तक दोनों संवर्गों के कर्मचारियों के खिलाफ की गई असंवैधानिक कार्रवाई समाप्त नहीं की जाती वे मुख्य विकास अधिकारी के साथ होने वाली किसी भी बैठक में प्रतिभाग नहीं करेंगे।
ग्राम विकास अधिकारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष पूरन सिंह एवं ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष प्रशांत कुमार पोरवाल ने बताया कि विकास खंडों में तैनात ग्राम विकास अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत अधिकारियों के 4-5 माह के वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिए गए हैं।
ग्रामीण मिनी स्टेडियम एवं ओपन जिम के प्रांक्कलन अपर मुख्य सचिव ने मांगे हैं। इटावा में कराए गए कार्य मॉडल की तरह से प्रदर्शित हो रहे हैं। इसके बाद भी कर्मचारियों का वेतन रोक कर उत्पीड़न किया जा रहा है। कोविड-19 का सामान, स्कूल फर्नीचर, ग्रीन बोर्ड, हैंडवाश, पार्क एवं ओपन जिम के सामान की आपूर्ति जिला स्तर से कराई गई है।
दबाव बनाकर बिलों का भुगतान पंचायतों से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संघ अब कर्मचारियों के हितों की लड़ाई लड़ेगा। यदि उनका मानसिक एवं सामाजिक आर्थिक शोषण नहीं रुका तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। संवाद