इटावा। कीमत न मिलने पर परेशान आलू किसान को सरकारी क्रय केंद्रों से कुछ राहत मिल सकती है। मंडी में दो क्रय केंद्र खोलने की तैयारी है। जिससे यहां आने वाले किसानों को सरकार की ओर से निश्चित एमएसपी पर कीमत देकर आलू खरीदा जा सके। हालांकि मंडी में अब आलू की आवक काफी कम हो गई है लेकिन उन्हें जिनके आलू अभी भी कोल्ड स्टोरेज में नहीं पहुंचे हैं, उन्हें इससे लाभ मिल सकता है।
जिले में आलू का रकबा 25 हजार हेक्टेयर है। आलू की पैदावार अच्छी होने की वजह से सही कीमत न मिलने से कई किसानों ने खोदाई तक नहीं कराई और खेत जुतवाकर उसमें दूसरी फसल कर ली। कई ने कीमत न मिलने के कारण कोल्ड स्टोरेज में आलू रखवा दिए। कई किसानों का आलू 50, 70, 100, 150 रुपये तक भी बिका। हालांकि अब किसान मंडी कम आ रहे हैं। जो आ रहे हैं, अलग-अलग गुणवत्ता के अनुसार उनका आलू 225 से 330 रुपये तक आलू बिक रहा है। सरकार ने क्रय केंद्रों में होने वाली खरीद के लिए एमएसपी घोषित किया है।
बसरेहर निवासी राम प्रकाश यादव ने बताया कि मंडी में आलू 100 रुपये पैकेट ले रहे थे इसलिए 50 बीघा में खोदाई कर आलू कोल्ड स्टोरेज में रखवा दिए। पहले क्रय केंद्र खुलते तो हमें भी लाभ मिल जाता।
सरायभोपत निवासी किसान एसके शर्मा ने बताया कि उन्होंने 100 बीघा आलू किया था। काफी फसल खराब भी हुई। जो खोदाई हुई उसकी कीमत अपेक्षानुसार नहीं मिली। सरकारी क्रय केंद्र का लाभ मिल सकता था।