पावर लिफ्टिंग में अनेकों स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक हासिल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाने वाली मिर्जापुर की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निधि सिंह पटेल काफी मायूस हैं। गरीब परिवार से होने के नाते वह आर्थिक तंगी से भी जूझ रही हैं। शनिवार को पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने बताया की प्रदेश सरकार से उन्हें कोई प्रोत्साहन अभी तक नहीं मिला है।
उनका कहना है की सभी प्रांतों में खिलाड़ियों को उनके प्रदेश की सरकार से काफी प्रोत्साहन मिलता है, मगर उन्हें प्रदेश सरकार से अभी तक कोई पुरस्कार नहीं मिला है। उसने सरकार से यश भारती सम्मान दिए जाने की मांग की। निधि सिंह ने फिलीपिंस के मनीला शहर में पावर लिफ्टिंग बेंच प्रेस चैंपियनशिप प्रतियोगिता में रजत पदक प्राप्त कर देश का गौरव बढ़ाया।
राष्ट्रीय बेंच प्रेस पावर लिफ्टिंग जम्मू में जूनियर एवं ओपन में दो गोल्ड मेडल एवं भारत की सबसे शक्तिशाली महिला का खिताब जीता। यहां निधि को अंतरराष्ट्रीय बेंच प्रेस पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता ताइवान के लिए चयन किया गया। ताईवान में एशियन बेंच प्रेस पावर लिफ्टिंग एशिया चैंपियनशिप के 57 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।
इंग्लैंड में आयोजित कॉमनवेल्थ पावर लिफ्टिंग एवं बेंच प्रेस प्रतियोगिता में पांच स्वर्ण पदक प्राप्त कर जनपद एवं प्रदेश में एक नया इतिहास बनाया। एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता और एशिया की सबसे शक्तिशाली महिला होने का गौरव पाया। अब नवंबर में उसे कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में भाग लेने है। इसके लिए उसे दो लाख 45 लाख रुपये जमा करना है।
अंतरराष्ट्रीय
स्तर पर देश व प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली निधि आज दुखी है क्योंकि अपने ही प्रदेश की सरकार से उसे कोई प्रोत्साहन नहीं मिला। निधि के कोच कमलापति त्रिपाठी कहते हैं कि निधि जैसी होनहार खिलाड़ी के प्रति सरकार का नजरिया अच्छा नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि आर्थिक तंगी के चलते यह होनहार खिलाड़ी कहीं और हताश न हो जाए।