इटावा। अधिकारियों की चेतावनी के बावजूद भी जिले की गोशालाओं की हालात में सुधार नहीं है। गोशाला में गोवंशों के लिए चारा, भूसा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इस वजह से आए दिन गोवंशों की मौत होती है। ऐसा ही मामला ताखा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मामन हिम्मतपुर की गोशाला का बुधवार को सामने आया है। यहां भूख से दो गोवंशों की मौत हो गई। दोनों गोवंश के शव परिसर में ही पड़े रहे, तीन गोवंश मरणासन्न स्थिति में हैं।
ताखा ब्लॉक क्षेत्र की इस गोशाला में 93 गोवंश हैं। बुधवार को अमर उजाला की टीम गोशाला पहुंची तो अव्यवस्थाओं की परत खुल गई। 93 में से दो गोवंश गोशाला परिसर में मृत पाए गए, जबकि, तीन बीमार मिले। वहीं सात गोवंश कम पाए गए। गोशाला में बदइंतजामी का आलम यह है कि उठने-बैठने में असमर्थ गोवंशों को गड्ढा खोदकर उसी में बैठा दिया जाता है। पास ही भूसा रख दिया जाता है। ताकि मौत होने पर गोवंश को आसानी से दफनाया जा सके।
एक बीमार गोवंश की देखरेख के अभाव में किसी जंगली पक्षी ने एक आंख फोड़ दी। गोशाला में पर्याप्त मात्रा में चारा, भूसा भी नहीं है। ग्राम पंचायत सचिव मिथलेश कुमारी के मुताबिक गोवंशों की भूख से नहीं बीमारी से मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद गोवंशों के शवों को गोशाला परिसर में ही दफना दिया गया है। उनका दावा है कि गोशाला में चारा, भूसा व पानी की पर्याप्त व्यवस्था है।
दो गोवंशों की मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह साफ होगी। बीमार गोवंशों के बारे में जानकारी की जा रही है। गोशाला में तार लगाकर बैरिकेडिंग की गई है। कई बार गोवंश तार फांद कर गोशाला से बाहर निकल जाते हैं। संभव है कि कुछ गोवंश तार फांदकर जंगल में चरने निकल गए हों। फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी। आशुतोष कुमार, खंड विकास अधिकारी, ताखा