कार्यकर्ताओं के साथ धरना प्रदर्शन में जाती भाजपा नेता सरिता भदौरिया।
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लोक अधिकार मंच के तहत हिंदूवादी नेताओं ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में केरल की वामपंथी सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। नेताओं ने आरोप लगाया कि केरल में जबसे माकपा सत्तासीन हुई है। तब से राष्ट्रवादी नागरिकों की हत्याएं हो रही हैं। दो सौ से अधिक वारदातों में माकपा के लोग नामजद हुए हैं। वहां के मुख्यमंत्री पी विजयन के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
इस प्रदर्शन में आरएसएस, विहिप, विद्यार्थी परिषद और भाजपा के नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए। सदर सीट से भाजपा प्रत्याशी सरिता भदौरिया जलूस के रूप में धरना प्रदर्शन स्थल पर पहुंची। यहां मौजूद विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय कार्यवाहक अध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि देश को तोड़ने वाली बातें अब समाप्त होनी चाहिए अन्यथा इसके बेहद घातक परिणाम होंगे। हम भले ही चींटी को मारने में परहेज करते हैं, लेकिन कोई अगर एक गाल पर चांटा मारेगा तो हम दूसरा गाल करने वाले नहीं हैं। देश के राष्ट्रवादी लोग राष्ट्रदोहियों से दो-दो हाथ करने का तैयार हैं। अब किसी भी कीमत पर अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भले ही जीवन समाप्त हो जाए।
अभाविप के प्रदेश मंत्री आशीष बाथम ने कहा कि वामपंथियों को लोगों ने जिस तरह हाशिए पर ला दिया है। उससे बौखला कर अब वह छात्रों व युवाओं के मन में जहर भर रहे हैं। कल्पना वर्मा ने कहा कि अब लड़ाई डंडे की नहीं बल्कि वैचारिक लड़ाई की जरुरत है। उन्होंने कहा कि केरल मां भारती के चरण हैं। चरणों में घाव नहीं होने दिए जाएंगे। अभिषेक मिश्रा ने कहा कि वामपंथियों ने देश की जड़ों को खोखला करने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि रक्त रंजित तानाशाही लाने की बात करने वाले वामपंथी आज राष्ट्रभक्तों का तानाशाह बता रहे हैं। प्रदर्शन के बाद लोक अधिकार मंच के अध्यक्ष अशोक कुमार सक्सेना व संयोजक संतोष सिंह चौहान आदि ने एसडीएम सदर सुभाष चंद्र प्रजापति को सौंपा। प्रदर्शन स्थल पर संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल भाग्यनगर तेलंगाना का पपत्र भी बांटा गया। जिसमें केरल में अनियंत्रित हिंसा को रोकने के लिए केंद्र सरकार से दोषियों के खिलाफ कदम उठाने की मांग की गई। इस दौरान संघ के सह विभाग संचालक विनोद चंद्र पांडेय, विवेक रंजन गुप्ता, दशरथ सिंह चौहान, डा. सर्वेश भदौरिया, अजय भारती, राम नरेश आदि तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।