फोटो: 25 हस्ताक्षर के बाद एमओयू के प्रमाण पत्र के साथ कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह व ट्रस्ट के पदाधिकारी
बच्चों के जन्मजात पैरों के टेढ़ेपन का होगा निशुल्क इलाज
क्रासर
क्योर इंटरनेशनल इंडिया ट्रस्ट व यूपीयूएमएस के बीच एमओयू पर हुए हस्ताक्षर
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विवि सैफई के आर्थोपेडिक्स विभाग में क्योर इंटरनेशनल इंडिया ट्रस्ट के सहयोग से क्लबफुट (जन्मजात टेढ़े पैर) प्रबंधन पर पोंसेटी तकनीक आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में आसपास के जिलों से आए 100 से अधिक आर्थोपेडिक सर्जनों को क्लबफुट की शीघ्र पहचान और आधुनिक पोंसेटी तकनीक से उपचार का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में क्योर इंटरनेशनल इंडिया ट्रस्ट और यूपीयूएमएस सैफई के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए जिसके तहत क्लबफुट एवं अन्य अंग विकृतियों से पीड़ित बच्चों का निशुल्क इलाज किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ विवि के कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि पोंसेटी तकनीक के माध्यम से अधिकांश बच्चों के टेढ़े पैर केवल प्लास्टर से ठीक किए जा सकते हैं और बहुत कम मामलों में सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने जन्म के समय ही पहचान और समय पर उपचार शुरू करने पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए पीएचसी, सीएचसी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों के सामूहिक प्रयास से जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों के माता-पिता को सही जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त क्लबफुट विशेषज्ञ सेंट स्टीफन हॉस्पिटल, नई दिल्ली के डॉ. मैथ्यू वर्गीज गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि पोंसेटी विधि क्लबफुट के उपचार की सरल, सुरक्षित और प्रभावी तकनीक है, जिससे 95 प्रतिशत से अधिक मामलों में बिना ऑपरेशन के सफल उपचार संभव है।
आर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि लगभग हर एक हजार नवजात शिशुओं में से एक में क्लबफुट की समस्या पाई जाती है, जिसमें एक या दोनों पैर टेढ़े होते हैं। पोंसेटी तकनीक से बिना चीरा और बिना रक्तस्राव के इसका प्रभावी उपचार संभव है। कार्यक्रम में डॉ. हरीश कुमार,प्रो-वाइस चांसलर डॉ. रामाकांत यादव, डीन डॉ. आदेश कुमार, सीएमएस डॉ. पुलिस अधीक्षक सिंह, रजिस्ट्रार दीपक कुमार मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अमित सिंह आदि मौजूद रहे।