सीबीआई ने इटावा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरे पश्चिम बंगाल के दो युवकों से करीब पांच लाख रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। इन युवकों की निशानदेही पर पुलिस ने नोटों के खरीददार औरैया जिले के दो युवकों को दबोच लिया। सीबीआई टीम बुधवार को दिनभर चारों युवकों से पूछताछ करती रही। इसमें उसे कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।
सीबीआई अफसरों ने गोपनीयता का हवाला देते हुए पूछताछ में मिले क्लू को उजागर करने से इनकार कर दिया।
सीबीआई को मुखबिर से सूचना मिली कि फरक्का एक्सप्रेस से मंगलवार रात पश्चिम बंगाल के दो युवक इटावा पहुंच रहे हैं। इस पर दिल्ली से सीबीआई की टीम एएसपी अजायब सिंह के नेतृत्व में इटावा पहुंच गई।
ट्रेन रात करीब 12:52 बजे प्लेटफार्म नंबर दो पर रुकी। सीबीआई टीम ने जीआरपी और आरपीएफ को साथ लेकर जनरल कोच में चेकिंग शुरू कराया। टीम ने दो युवकों को पकड़ बैग की तलाशी ली तो उसमें 4,90,500 के जाली नोट बरामद हुए।
पूछताछ में युवकों ने अपना परिचय मालदा जिले के वैभवनगर थाना क्षेत्र के कशूदीराम मंडल पाड़ा मंडई कृष्णापुर निवासी निताई घोष एवं मालदा के वैभवनगर थाना क्षेत्र के भगीरथ मंडल पाड़ा देवीदासपुर निवासी शिवूलाल मंडल के रूप में बताया।
पकड़े गए युवकों ने बताया कि औरैया के कुछ लोगों से उनका सौदा तय हुआ है और वे स्टेशन पर खेप लेने के लिए आएंगे। सीबीआई टीम ने दोनों को अपनी निगरानी में यात्री प्रतीक्षालय में बैठा दिया। रात 3:45 बजे दो युवक जाली नोट लेने पहुंचे तो सीबीआई, आरपीएफ-जीआरपी की संयुक्त टीम ने दोनों को दबोच लिया।
उनके पास से 93,390 रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस ने उनकी बाइक भी जब्त कर ली। जाली नोट खरीदने आए युवक ने अपना परिचय औरैया जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के बगिया गोविंद नगर निवासी सर्वेश पाठक बताया। उसके साथ इसी मोहल्ले का एक अन्य युवक भी था।
चारों युवकों को सीबीआई की टीम रेलवे गेस्ट हाउस ले गई। यहां पर अफसरों ने अलग-अलग पूछताछ की। सीबीआई जाली नोटों के कारोबार से जुड़े सरगना तक पहुंचने की कोशिश में जुटी रही। मालदा से आए युवकों के पास से न्यू फरक्का से इटावा तक का साधारण टिकट और मोबाइल फोन मिला है। आरपीएफ ने अपने सूचना रजिस्टर में चारों युवकों के नाम दर्ज किए हैं।
जबकि सीबीआई टीम सर्वेश पाठक के साथ पकड़े गए दूसरे युवक की इस काले धंधे में संलिप्तता से इन्कार किया है। सीबीआई अफसरों ने पूछताछ में बड़े सुराग मिलने का दावा किया है, लेकिन गोपनीयता का हवाला देकर कुछ भी खुलासा करने से इनकार किया।
सीबीआई टीम के साथ आरपीएफ के एएसआई रमेशचंद्र, सिपाही संतोष कुमार, आरडी यादव, राजेश कुमार, जीआरपी थानाध्यक्ष यशपाल सिंह यादव फोर्स के साथ शामिल रहे। समाचार लिखे जाने तक सीबीआई अफसर चारों से रेलवे गेस्ट हाउस में पूछताछ कर रहे थे।
93 हजार में तय हुआ था सौदा
पश्चिम बंगाल के युवकों से तय हुआ कि जाली नोट के बदले उन्हें 93 हजार रुपये के असली नोट दिए जाएंगे। नोटों को इटावा स्टेशन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पश्चिम बंगाल के युवकों की थी।
ड्रेस कोड से हुई थी पहचान
जाली नोटों की तस्करी बिल्कुल फिल्मी अंदाज में हुई। खरीददार और खेप लेकर आ रहे युवकों के बीच रास्ते भर बातचीत होती रही। यह तय हो गया था कि वे स्टेशन के वेटिंग रूम में मिलेंगे। पहचान के लिए दोनों ने एक-दूसरे को अपना ड्रेस कोड बताया था। सीबीआई ने भी उनकी प्लानिंग में कोई बदलाव नहीं किया। खेप लेकर आए युवकों को उसी जगह बैठाया जहां तय हुआ था। जैसे ही औरैया से दोनों युवक उनके पास पहुंचे सीबीआई ने उन्हें दबोच लिया।