इटावा। जिले के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्र अब अपनी वैज्ञानिक सोच का प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर करेंगे। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत दिल्ली में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी के लिए जिले के चार बाल वैज्ञानिकों का चयन किया गया है। रविवार को डीआईओएस कार्यालय में आयोजित एक समारोह में इन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
उच्च प्राथमिक विद्यालय सोखा बढ़पुरा के छात्र हिमांशु ने व्यापारियों के लिए मददगार एक मोबाइल दुकान का मॉडल प्रस्तुत किया है। उच्च प्राथमिक विद्यालय कर्री बसरेहर की छात्रा गुड़िया ने एक ऐसा यंत्र विकसित किया है जिससे ऊंचाई पर रखे गमलों में आसानी से पानी डाला जा सकेगा। आरडी पाठक इंटर कॉलेज जाखन की छात्रा साक्षी ने चलती गाड़ियों से सड़क पर कीचड़ उछलने से रोकने के लिए एक विशेष जुगाड़ तकनीक का आविष्कार किया है। वहीं, हिंदू विद्यालय जसवंतनगर के छात्र प्रशांत ने साइकिल की पैडलिंग तकनीक से हैंडपंप से पानी निकालने का मॉडल बनाकर अपनी जगह बनाई है।
ग्रामीण प्रतिभा का सम्मान डीआईओएस अतुल कुमार सिंह ने चयनित बच्चों को प्रतीक चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इन बच्चों की प्रतिभा साबित करती है कि यह केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। हमारे ग्रामीण अंचल के बच्चे अपनी वैज्ञानिक सोच से देश की समस्याओं का समाधान ढूंढ रहे हैं। ये चारों बाल वैज्ञानिक जल्द ही नई दिल्ली में आयोजित होने वाली मेगा प्रदर्शनी में इटावा का प्रतिनिधित्व करेंगे और देश भर के दिग्गज वैज्ञानिकों के सामने अपने मॉडलों का प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक डॉ. अखिलेश भारद्वाज, राज्य संदर्भ समूह के सदस्य प्रदीप कुमार यादव, शिक्षक कल्पना शुक्ला, सुमन शाक्य और संत सिंह भी उपस्थित रहे।