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Etawah News: फर्जी कंपनियां बनाकर करोड़ों की जीएसटी चोरी करने वाले चार गिरफ्तार

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इटावा। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने फर्जी कंपनियों के नाम पर कूटरचित ई-वे बिलों बनाकर करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्जीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने जीएसटी चोरी गिरोह के आगरा निवासी चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक लैपटाॅप और पांच स्मार्टफोन के साथ फर्जी ईवे-बिल व फर्जी फर्माें के दस्तावेज बरामद किए हैं। यह लोग दिल्ली और ग्वालियर में फर्जी कंपनिया बनाकर पूरा रैकेट चला रहे थे। जीएसटी की चोरी व्यापारियों के माल की खरीद अपनी फर्जी फर्माें पर दिखाकर माल के वजन के हिसाब से 10 प्रतिशत कमीशन लेकर सरकार को राजस्व का चूना लगा रहे थे।
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सिविल लाइंस थाना प्रभारी केके मिश्रा ने बताया कि 26 सितंबर 2025 को मामला प्रकाश में आया था। जब राज्य कर अधिकारी अनीश अरोड़ा की टीम ने चेकिंग के दौरान शहर में एक ट्रक को रोका था। ट्रक में 350 बोरी खड़ी सुपारी लदी थी। ट्रक चालक की ओर से दिए बिल और ई-वे बिल की जांच कराई गई तो दिल्ली की सप्लायर फर्म और ग्वालियर की रिसीवर फर्म दोनों कागजों पर ही मौजूद मिलीं।
जांच में दोनों फर्मों का वास्तविक अस्तित्व नहीं पाया गया। इस पर राज्य कर अधिकारी अनीष अरोड़ा ने थाने पर फर्जीबाड़े का प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की जांच एसएसआई रामविनोद को सौंपी गई। मुकदमे की विवेचना के दौरान आगरा निवासी पुष्पेंद्र कुमार मित्तल निवासी गायद्धी नगर अजीजपुर, जगनेर रोड, धनौली थाना मलपुरा आगरा, सफल गुप्ता उर्फ लाला, आवास विकास कालोनी थाना सिकंदरा आगरा, राहुल गुप्ता निवासी नौबस्ता थाना लोहा मंडी आगरा, और सोनू वर्मा निवासी बोदला, आवास विकास कालोनी थाना जगदीशपुरा आगरा को नाम प्रकाश में आने के बाद 35-3 के नोटिस देकर पूछताछ के लिए इन्हें सोमवार को थाने बुलाया गया तो चारों आरोपियों ने फर्जीवाड़े का खुलासा किया।
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पूछताछ में सामने आया कि वह लोग फर्जी बनाई गई फर्म के नाम पर विभिन्न राज्यों में माल की आवाजाही के लिए नकली बिल और ई-वे बिल तैयार कर रहा था। एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गिरोह की वित्तीय गतिविधियों और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जांच भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने एसएसआई रामविनोद व उनकी साथ रहे सिपाही जीतू और रामनरेश को जीएसटी चोरी प्रकरण के खुलासे के लिए सराहना की।
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