इटावा। इस बार मकर संक्रांति पर बदलते मौसम ने शहरवासियों को पहली बार कोहरे और कडकड़ाती सर्दी का अहसास कराया है। इससे लगातार बढ़ते तापमान पर ब्रेक लग गए। लोगों को गड़बड़ाए मौसम के सुधरने की आस जाग गई। शुक्रवार को शहर में इस मौसम का सबसे घना कोहरा रहा। स्थिति यह रही कि सूर्यदेव ने दोपहर लगभग 12 बजे दर्शन दिए। इसके बाद भी कोहरा सूर्य पर भारी रहा। सिर्फ हल्की धूप ही निकली। कोहरे से सुबह 09 बजे तक विजीविलटी सिर्फ 100 मीटर ही रही।
विजीविलटी कम होने से लोगों को दिन में भी वाहनों की लाइट जलानी पड़ी और हाईवे पर भी वाहन रेंगकर चलते दिखाई दिए। मौसम में आए इस बदलाव से फसलों को काफी फायदा होगा, इसके साथ ही मच्छरों का शुरू हुआ प्रकोप भी कम होगा। सर्दी से मच्छरों की संख्या बढ़ नहीं सकेगी। दूसरी ओर ठंडा पड़ा गर्म कपड़ों और हीटर आदि इलेक्ट्रानिक वस्तुओं का बाजार भी चल निकलेगा।
चक्रवात से बदला मौसम का मिजाज
इटावा। मौसम विशेषज्ञ मान रहे हैं कि प्रदेश के उत्तरी भाग में मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण पंजाब और हरियाणा में चक्रवात आया है। चक्रवात से क्षेत्र में भी नमी आ रही है जिससे कोहरा और दिन के तापमान में भी गिरावट के साथ यूपी में भी सर्दी रंग दिखाने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार कोहरे का असर अभी दो दिन और रहेगा। मौसम में एक ही दिन में किस कदर बदलाव आया है। इसका अंदाजा इसी से लगा जा सकता है कि जहां जनपद का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था वहीं शुक्रवार को तापमान में 03 डिग्री की गिरावट आई और पारा गिरकर 09 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इसके साथ ही दिन में दोपहर धूप निकलने के बाद भी सर्द हवाएं चलती रहीं जिससे धूप में भी लोगों को सर्दी का अहसास होता रहा।
कृषि और स्वास्थ्य पर भी पड़ेगा असर
इटावा। बदलता मौसम स्वास्थ्य पर भी भारी पड़ सकता है। अचानक बढ़ी सर्दी में लोगों को कई प्रकार की बीमारी भी घेर सकती है। इनसे सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे मौसम में वायरल फीवर, अस्थमा रोग, गले क ा इंफेक्शन का खतरा रहता है। इसलिए इस मौसम में सर्दी से बचने के विशेष प्रयास करने चाहिए। वहीं बदलता मौसम फसलों के लिए अमृत के समान है। सबसे ज्यादा फायदा गेहूं की फसल को होगा। कोहरे और सर्दी से गेहूं की पौध में किसानों को जल्दी जल्दी पानी भी नहीं लगाना पडे़गा। सर्दी बढ़ने से फसलें जल्द नहीं पकेंगी और उत्पादन अच्छा होगा।