थाना पुलिस व स्वाट टीम ने गांव परसूपुरा के पास लूट के मामले में इनामी लुटेरे को मुठभेड़ में उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। लुटेरों ने पुलिस पर फायरिंग की लेकिन कोई पुलिस वाला हताहत नहीं हुआ। उसके पास से पुलिस ने लूटी गई एक बाइक, तमंचा, कारतूस व दो मोबाइल बरामद किया है। पकडे़ गए एक लुटेरे पर भिंड पुलिस ने पांच हजार रुपये का इनाम रखा था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
थानाध्यक्ष बकेवर बिजेंद्र सिंह यादव अपने हमराह के साथ बदमाशों की तलाश में थे। तभी उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि एक शातिर लुटेरा अपने साथी के साथ लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। वह दोनों परसूपुरा गांव के पास सड़क पर मौजूद हैं।
यह सूचना एसओ ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। लुटेरों की सूचना होने पर स्वॉट टीम प्रभारी अजहर खां भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसओ बिजेंद्र सिंह द्वारा बताए गए स्थान की घेराबंदी कर ली। पुलिस की भनक लगते ही लुटेरों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी।
लुटेरों की फायरिंग में पुलिस पार्टी बाल बाल बच गई। जवाब में पुलिस बल ने बल प्रयोग कर दोनों लुटेरों को धर दबोचा। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम पंकज जाटव निवासी कामेत थाना बढ़पुरा व पीयूष मेहरोत्रा निवासी खतराना टोला थाना कोतवाली इटावा बताया।
तलाशी में उसके पास से एक तमंचा व कारतूस बरामद हुआ। बाइक के कागजात मांगने पर वह कागजात नहीं दिखा सके। पुलिस ने जब बाइक के बारे में पूछताछ की तो पंकज ने बताया कि उक्त अपाचे बाइक उसने आगरा से लूटी थी। इसके अलावा उनके पास से दो मोबाइल भी पुलिस को मिला है।
एसओ बकेबर बिजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पकडे़ गए पंकज व पीयूष शातिर लुटेरे हैं। पंकज भिंड मध्य प्रदेश से एक लूट के मामले में पंकज वांछित चल रहा था। गिरफ्तारी न होने पर भिंड पुलिस ने उस पर पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। उनके खिलाफ इटावा के विभिन्न थानों में भी आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। पुलिस मोबाइल के आधार पर उनके साथियों के बारे में जानकारी हासिल करने में जुटी है।