खेतों में लगी आग बुझाते फायर ब्रिगेड के कर्मचारी
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इटावा। महेवा और आसपास रोक के बाद भी किसान खेतों में पड़े कृषि अवशेषों को जला रहे हैं। शुक्रवार को नगला भदौरिया और इंद्रावखी गांव के बीच के खेतों में अवशेष जला दिए गए। आग के विकराल रूप से घबराए किसानों को फायरब्रिगेड बुलानी पड़ी। इसके बाद ही आग पर काबू पाया जा सका ।
शुक्रवार को क्षेत्र नगला भदौरिया और इंद्रावखी के बीच के खेतों में किसानों ने गेहूं के अवशेष जलाए। तेज हवा के कारण आग काफी तेजी से फैल गई। आग का विकराल रूप देख आसपास के गांवों के लोगों ने काबू करने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हुए। मौके पर पहुंची फायरब्रिगेड ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। कृषि विशेषज्ञ पंकज कुमार की माने तो खेतों में अवशेष जलाना काफी खतरनाक है। किसान थोड़े से लालच में आकर उपजाऊ भूमि को बर्बाद करने में जुटे हैं। उप कृषि निदेशक एके सिंह ने बताया कि फसल के अवशेष जलाने से पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। साथ ही प्रदूषण भी बढ़ता है । अवशेष जलाने पर जुर्माने का भी प्रावधान है ।