हथेली पर ओले रखे ग्रामीण। संवाद
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इटावा। अप्रैल में तपाने के बाद मई में मौसम का रुख रोज बदल रहा है। रविवार के बाद बूधवार को भी दोपहर बाहर तेज हवाएं चलने के साथ कहीं बूंदाबांदी तो कहीं फूहारों के साथ ओले गिरे। बारिश होने से खेत में कटी पड़ी गेहूं की फसल नरम होने से एक दो दिन थ्रेसरिंग नहीं हो पाएगी। किसानों का कहना है कि अगर तेज बारिश हो गई तो बड़ा नुकसान हो जाएगा।
सुबह धूप निकली लेकिन हल्के बादल छाए थे। दोपहर बाद बादलों का घेरा बढ़ गया और हवाएं चलने लगीं। कुछ देर बाद तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई हो गई। चकरनगर तहसील के ग्राम सिंडौस और आसपास के 12 गांवों में दिन आंधी के साथ करीब पांच मिनट तक ओलावृष्टि हुई। कुछ देर बाद मौसम फिर साफ हो गया। आंधी व ओलावृष्टि से होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। अभी गेहूं की काफी फसल थ्रेसरिंग के लिए खेतों में पड़ी है।
बारिश होने से फसल में नमी आ गई है। इससे एक दो दिन थ्रेसरिंग नहीं हो पाएगी। बकेवर संवाद के अनुसार किसानों का कहना है, लगातार धूप निकलने पर कम से कम दो दिन में गेहूं के गठ्ठरों की नमी दूर हो सकेगी। दो से चार फीसदी नुकसान भी होगा। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि दो-तीन दिन तक मौसम इसी तरह बदलता रहेगा।