इटावा। खेती की लागत कम करने और किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में 40 कृषि यंत्रों का अवशेष लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत 18 और फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत 22 कृषि यंत्र किसानों को उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इन योजनाओं से आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ पराली प्रबंधन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। विभागीय पोर्टल से किसान इन यंत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उपकृषि निदेशक सतीश कुमार ने बताया कि कृषि यंत्रीकरण योजना में अनुसूचित जाति के लिए आठ और अन्य श्रेणी के किसानों के लिए 10 यंत्रों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें पावर टिलर और पावर वीडर के दो-दो यंत्र शामिल हैं। इसके अलावा डायरेक्ट राइस सीडर, मिनी दाल मिल, मिनी राइस मिल, मल्टीक्रॉप प्लांटर और आठ पंक्ति वाला सेल्फ प्रोपेल्ड राइस ट्रांसप्लांटर समेत अन्य कृषि यंत्र भी शामिल हैं।
वहीं, फसल अवशेष प्रबंधन योजना में 22 मशीनों का लक्ष्य रखा गया है। इसमें चार बेलर, तीन क्रॉप रीपर, तीन पैडी स्ट्रॉ चॉपर-श्रेडर मल्चर, दो हैप्पी सीडर-स्मार्ट सीडर और दो जीरो टिल सीड ड्रिल समेत अन्य यंत्र शामिल हैं। योजना में कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक की व्यवस्था भी शामिल है।
इनके लिए फिलहाल कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। कृषि विभाग का उद्देश्य आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से खेती के काम को आसान बनाना और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन को बढ़ावा देना है।