हाल ही में बेमौसम हुई बारिश से आलू की फसल के साथ ही अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ था। शुक्रवार को एक बार फिर आसमान में बादल नजर आए तो किसान चिंतित हो उठा। किसानों का कहना है कि बारिश हुई तो सबसे ज्यादा नुकसान आलू की फसल को होगा। इस समय आलू की खुदाई का काम चल रहा है।
मार्च महीने की शुरुआत में हुई बारिश से आलू, सरसों, अरहर, मटर, चना आदि फसलों को भारी नुकसान हुआ था। शुक्रवार को एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। दिन की शुरुआत आसमान में छाए बादलों के साथ हुई।
इसके साथ ही दिनभर बादल छाए रहे। किसानों का कहना है कि बारिश से खेत की मिट्टी गीली होने के कारण खुदाई प्रभावित होगी और तैयार आलू के सड़ने का खतरा रहेगा। उधर, सुबह आसमान पर बादल देख आलू किसानों ने खुदाई कार्य तेज कर दिया है।
दिन भर आलू किसान मजदूरों के साथ खुदाई कार्य में लगे रहे। बकेवर क्षेत्र के किसान रामकुमार ने बताया कि मार्च की शुरुआत में हुई बारिश के कारण पहले ही फसल को नुकसान हो चुका है। अगर अब बारिश होती है तो निश्चित तौर पर आलू किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। खेत की मिट्टी गीली होने से खुदाई कार्य प्रभावित होगा। आलू खेत में ही सड़ जाएगा। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अतहर हुसैन वारसी का कहना है कि बारिश से आलू फसल को नुकसान होगा।