सैफई महोत्सव के मंच पर फगुओं की टोलियों ने प्रदेश
की समृद्ध लोक गायन विधा फाग गायन के चटख रंग बिखेरे। फाग गायन के रसिक
श्रोताओं की भीड़ इस बार भी कार्यक्रम में उमड़ी। फगुआ टोलियों ने अपने
दमदार फाग गायन से रसिक श्रोताओं को घंटों बांधे रखा।
सैफई महोत्सव
के लोकप्रिय फाग गायन कार्यक्रम का इसके चाहने वालों को साल भर बेसब्री से
इंतजार रहता है। सोमवार तो दो दिवसीय फाग गायन कार्यक्रम के पहले दिन
श्रोताओं की भारी भीड़ उमड़ी। नगला सूरत के राम विलास और लाखन सिंह ने फाग
गायन का शुभारंभ चर्चित फाग, समर में रवि सातय गयो शक्ति लगी करण के हाथ
माधो कही और सुनो मेरी रवि शुति वीर बलंकारी से किया।
प्रस्तुति
को श्रोताओं ने काफी सराहा। इसके बाद सियाराम की फाग प्रस्तुति, रोय रोय
तारावती रानी कुंवर को गोद में धर श्रोताओं की आखें नम कर गई। इसके बाद
घनश्याम और शिवराखन की फाग प्रस्तुति, भरत ने रोय रोय बचन कहे मात कैकई के
पास गए, मात तुमने वन दीये नाथ तुमने वन दिए को भी श्रोताओं ने काफी
सराहा।
फाग गायन कार्यक्रम में इस बार आसपास के जिलों की लगभग 20
टीमें भाग ले रही हैं। प्रतिभागी टीमों को दूसरे और अंतिम दिन पुरस्कृत
किया जाएगा। कार्यक्रम आयोजक सैफई गांव के रामगोपाल यादव ने बताया
कार्यक्रम का उद्देश्य लोककला का संरक्षण कर इसके प्रति लोगों की रूचि बनाए
रखना है।
प्रतिभागी फगुओं को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर प्रधान
दर्शन सिंह यादव, दफेदार सिंह यादव,राकेश यादव,पप्पू यादव,रक्षपाल सिंह,
पूर्व प्रधान प्रेम सिंह और सैफई ब्लाक अध्यक्ष संतोष शाक्य आदि मौजूद रहे।