सेंट्रल बैंक का नाम जा रहा है। बैंक अधिकारी का वर्जन क्यों नहीं है।
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फोटो :25 महेंद्र सिंह राजपूत की फाइल फोटो। स्रोत परिजन
फोटो : 26 घटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस के बाहर खडे़ परिजन। स्रोत सोशल मीडिया
- बढ़पुरा के असवा कछार गांव में गुरुवार रात की घटना
- सेंट्रल बैंक से ले रखा 1.20 लाख रुपये का ऋण
संवाद न्यूज एजेंसी उदी (इटावा)। ग्राम असवा कछार में कर्ज में डूबे किसान का गांव के बाहर पेड़ पर शव लटका मिला। पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवक पर सेंट्रल बैंक की उदी शाखा पर 1.20 लाख रुपये का ऋण था।
महेंद्र सिंह राजपूत (34) निवासी ग्राम असवा कछार खेती कर परिवार का भरण-पोषण करता था। पिता मुलायम सिंह ने बताया कि महेंद्र गुरुवार शाम को घर से कहीं चला गया। देर शाम घर न लौटने पर परिजन को उसकी चिंता हुई। इसके बाद उसकी खोजबीन शुरू हुई। गुरुवार रात साढ़े नौ बजे ग्रामीणों ने घर से करीब 400 मीटर दूर महेंद्र का शव पेड़ से लटका देख परिजन को सूचना दी।
पिता ने बताया कि महेंद्र के पास पांच बीघा कृषि भूमि थी। खेती में लगातार हो रहे घाटे और कम आमदनी के कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। परिजन के मुताबिक महेंद्र ने तीन साल पहले सेंट्रल बैंक की उदी शाखा से 1.20 लाख रुपये का कृषि ऋण लिया था। समय पर किस्त न चुका पाने के कारण तनाव में था। परिजन का आरोप है कि बैंक कर्मचारी वसूली के लिए लगातार घर के चक्कर काट रहे थे जिससे महेंद्र काफी आहत था। कई दिनों से वह गुमसुम था। सूचना मिलते ही बढ़पुरा थाना प्रभारी नरेंद्र मिश्रा व फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके से साक्ष्य एकत्र कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। थाना प्रभारी नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया युवक ने फंदा लगाकर जान दी है। परिजन ने बैंक का ऋण होने पर मानसिक दबाव में होने की बात कही है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पांच साल पहले हुई थी शादी, दो हैं बच्चे
महेंद्र की शादी करीब पांच वर्ष पहले हुई थी। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। महेंद्र के दो बच्चे चार वर्षीय बेटी दिव्यांशी और एक वर्षीय बेटा दिव्यांश हैं। घटना के बाद से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
वर्जन
मामला संज्ञान में नहीं है। गांव टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। यदि कर्ज की वजह से यह स्थिति हुई है तो उसका बैंक के अधिाकारियों से वार्ता करके समाधान कराने का प्रयास करेंगे।-शुभ्रांत कुमार शुक्ल, डीएम