फोटो: 3 भरथना में रामलीला मंचन करते कलाकार। संवाद
भरथना। कस्बे के मिडिल स्कूल मैदान में चल रही रामलीला में बुधवार रात भरत मिलाप की लीला का मंचन किया गया। 14 वर्ष के वनवास के बाद प्रभु श्रीराम और भरत के मिलन का प्रसंग देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। लीला में भाई के प्रति प्रेम, त्याग, समर्पण और मर्यादा का संदेश दिया गया। इसके साथ ही जालंधर वध की लीला का भी मंचन किया गया।
भरत मिलाप के प्रसंग में प्रभु श्रीराम के वनवास जाने के बाद अयोध्या लौटे भरत ने राजगद्दी स्वीकार करने के बजाय बड़े भाई श्रीराम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर विराजमान कर राज्य का संचालन किया। भरत के मन में अपने बड़े भाई के प्रति अटूट प्रेम और सम्मान था। वनवास की अवधि पूरी होने पर जब भरत को प्रभु श्रीराम के आगमन का समाचार मिला तो वह उनसे मिलने के लिए आतुर हो उठे। श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या लौटने पर दोनों भाइयों का मिलन हुआ।
भरत ने बड़े भाई के चरणों में नमन किया तो राम ने उन्हें उठाकर हृदय से लगा लिया। इसके साथ ही जालंधर वध की लीला का भी मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए कमेटी के वरिष्ठ संरक्षक पूर्व ब्लॉक प्रमुख हरिओम यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज यादव, सत्यप्रकाश यादव, विनोद यादव, विपिन यादव, अरविंद भदौरिया, अध्यक्ष रोहित यादव, महामंत्री गणेश कौशल, कोषाध्यक्ष नीलेश त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।