आरोपी पक्ष ने राहत की सांस ली
पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण कोर्ट ने सत्यम त्रिपाठी,राजकुमार त्रिपाठी,प्रदीप त्रिपाठी,बीना त्रिपाठी (मुकदमे के दौरान मृत्यु), ममता त्रिपाठी, मनोज मिश्रा,दुर्गेश मिश्रा,रजनीश दिवाकर,पवन दिवाकर को दोष मुक्त कर दिया। 13 साल पहले हुए इस जातीय संघर्ष और महिलाओं के साथ हुई बर्बरता ने संतोषपुर ईटगांव की छवि को दागदार कर दिया था। हालांकि अब कानूनी रूप से यह अध्याय बंद हो गया है, लेकिन ग्रामीण आज भी उस खौफनाक दिन को याद कर सिहर उठते हैं। निर्णय आने के बाद आरोपी पक्ष ने राहत की सांस ली है।