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संतोषपुर ईटगांव बवाल: 13 साल बाद फैसला, युवती के अपहरण को लेकर दो पक्षों में हुआ था संघर्ष, नौ आरोपी दोषमुक्त

Sat, 04 Apr 2026 01:44 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा

सार

Etawah News: इटावा के संतोषपुर ईटगांव में 2013 में हुए जातीय संघर्ष और महिलाओं के साथ अभद्रता के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में सभी नौ आरोपियों को बरी कर दिया है।
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कोर्ट का फैसला (सांकेतिक) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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इटावा जिले के बहुचर्चित संतोषपुर ईटगांव बवाल मामले में 13 साल के लंबे इंतजार के बाद अदालत का फैसला आ गया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश एमएस डोंगर ने साक्ष्यों के अभाव में मामले के सभी नौ आरोपियों को बरी कर दिया है। इस मामले में नामजद एक महिला आरोपी की मुकदमे के दौरान मृत्यु भी हो चुकी है। घटना 19 मार्च 2013 की है। संतोषपुर ईटगांव में उस वक्त तनाव फैल गया था, जब यादव पक्ष की एक लड़की को ब्राह्मण पक्ष का एक युवक भगा ले गया था।

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इस घटना से आक्रोशित होकर लड़की पक्ष ने दूसरे पक्ष के घर पर हमला बोल दिया था। आरोप था कि बवाल के दौरान लड़की पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष की महिलाओं के साथ अभद्रता की और उन्हें निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाया था। इस अमानवीय कृत्य के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया था और पुलिस प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ी थी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।

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आरोपी पक्ष ने राहत की सांस ली
पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण कोर्ट ने सत्यम त्रिपाठी,राजकुमार त्रिपाठी,प्रदीप त्रिपाठी,बीना त्रिपाठी (मुकदमे के दौरान मृत्यु), ममता त्रिपाठी, मनोज मिश्रा,दुर्गेश मिश्रा,रजनीश दिवाकर,पवन दिवाकर को दोष मुक्त कर दिया। 13 साल पहले हुए इस जातीय संघर्ष और महिलाओं के साथ हुई बर्बरता ने संतोषपुर ईटगांव की छवि को दागदार कर दिया था। हालांकि अब कानूनी रूप से यह अध्याय बंद हो गया है, लेकिन ग्रामीण आज भी उस खौफनाक दिन को याद कर सिहर उठते हैं। निर्णय आने के बाद आरोपी पक्ष ने राहत की सांस ली है।
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