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तेंदुए के तीनों शावकों की एक साथ मौत से हैरानी

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इटावा। इटावा सफारी पार्क में सोमवार की शाम तेंदुए के तीन शावकों की एक साथ मौत हैरानी का सबब बनी हुई है। माना जा रहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शावकों की मौत डायरिया से होने की बात सामने आने के बाद भी सफारी प्रशासन ने विसरा जांच के लिए आईवीआरआई लैब बरेली भेजे हैं।
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बताते चलें कि बिजनौर से एक सप्ताह पहले तेंदुए के 15 दिन के तीन शावकों को सफारी पार्क में लाया गया था। इन शावकों को मां मादा तेंदुआ ने छोड़ दिया था। मां का दूध न मिलने और बेहद कम समय के होने की वजह से उनकी देखरेख कठिन थी। रविवार को तीनों शावकों की तबीयत खराब हुई। सफारी के डॉ. गौरव श्रीवास्तव ने कानपुर जू के डायरेक्टर आरके सिंह से भी शावकों को ठीक करने के लिए विचार विमर्श किया। पर सोमवार की शाम तीनों शावकों की मौत हो गई।
सफारी पार्क के डायरेक्टर वीके सिंह ने बताया कि तीनों शावकों की आंखें तक नहीं खुली थी। मादा तेंदुआ के छोड़ देने पर उन्हें यहां लाया गया था। सफारी के डॉक्टर शावकों की बेहतर देखभाल कर रहे थे लेकिन मां का दूध न मिलने से कमजोर होने पर जब उनकी तबीयत खराब हुई तो उन्हें बचाया नहीं जा सका। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डिहाइड्रेशन से मौत होने का कारण सामने आया है। विस्तृत कारण जानने के लिए ही उनके विसरा आईवीआरआई लैब बरेली भेजे गए हैं।
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सफारी पार्क में 23 अधिकारी व कर्मचारी कोरोना संक्रमण के शिकार हो चुके हैं। ऐसे में सफारी के अंदर मौजूद शेरों समेत अन्य जानवरों में इस संक्रमण के फैलने की आशंका को डायरेक्टर वीके सिंह ने खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि एक तो पूरे विश्व में कहीं भी जानवरों में कोरोना संक्रमण होने का मामला प्रकाश में नहीं आया हैं। वह विश्व की वाइल्ड लाइफ कम्यूनिटी के लगातार टच में हैं। इसके अलावा सफारी पार्क में तैनात सभी अधिकारी-कर्मचारियों की कोरोना जांच करा ली गई है। जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसलिए सफारी पार्क में शेरों या किसी अन्य जानवर को कतई कोरोना संक्रमण नहीं है।
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