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गण और तंत्र के ऊपर खतरे के काले बादल : यशवंत

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इटावा के सैंफई में लोगों का अभिवादन स्वीकार करते पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व पूर्व केंद्रीय - फोटो : ETAWHA
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सैफई (इटावा)। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि देश में गण और तंत्र के ऊपर खतरे के बादल हैं। उन्होंने सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) को संविधान के खिलाफ और मुद्दों से ध्यान हटाने की चाल बताया। वह मुंबई से शुरू गांधी शांति यात्रा लेकर सैफई पहुंचे। सैफई में रविवार को गणतंत्र दिवस पर आयोजित समारोह में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव के साथ शिरकत की।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि हम लोग गांधीजी के सत्य, शांति और अहिंसा का संदेश लेकर यात्रा पर निकले हैं। यात्रा पर निकलने की इसलिए आवश्यकता पड़ी, क्योंकि आज देश के संविधान व गण और तंत्र पर खतरे के काले बादल मंडरा रहे हैं। इस खतरे से जनता को आगाह करने के लिए नौ जनवरी को मुंबई के गेटवे आफ इंडिया से हमने शांति यात्रा शुरू की है। 3000 किमी का भ्रमण करते हुए यात्रा 30 जनवरी को राजघाट पर समाप्त होगी। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) संविधान के बिल्कुल खिलाफ है। ऐसे कानून की कोई जरूरत नहीं थी। इस कानून में जो प्रावधान और शर्तें हैं उसके अनुसार उसे लागू ही नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों नौजवानों, आर्थिक स्थिति, महिला अत्याचारों से ध्यान भटकाकने के लिए यह सब हो रहा है। यह गांधी का देश है हम सब लोग शांतिप्रिय हैं। शांतिपूर्ण ढंग से लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं। जहां भी हिंसा हो रही है वह सरकारी हिंसा हो रही है। विरोध करने वाले हिंसा नहीं कर रहे हैं।
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सिन्हा ने आगे कहा कि हम बाबा साहब के संविधान की रक्षा करेंगे। देश को दोबारा नहीं बंटने देंगे। गांधी की हत्या दोबारा नहीं होने देंगे। इस सरकार के खिलाफ जो भी खड़ा होगा हम उसको मजबूत बनाने का काम करेंगे। अदनान सामी के पद्मश्री पुरस्कार पर कहा पाकिस्तान के नागरिक होने के बाद भारत के नागरिक बने। यह वसुधेव कुटुंबकम का देश है। हमें इन मूल्यों को लेकर ही चलना है।
लोगों में डर पैदा कर रही है मौजूदा सरकार: अखिलेश
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार ने लोगों के अंदर डर पैदा कर दिया है। ये लोग देश को किस रास्ते पर लेकर जा रहे हैं। एक वो थे जो लाठी लेकर गुजरात से चले थे और यमुना के किनारे आखिरी सांस ली थी। यह लोग निकले तो गुजरात से हैं और यमुना किनारे बैठे हैं, लेकिन यह लोग देश को बांटने का काम करना चाहते हैं। किसान के सामने अंधकार है।
उन्होंने आगे कहा कि यह साधु संतों का देश है। यह सपेरों का देश है। सपेरों पर कागज नहीं है। इनके पास घर नहीं है। खेत नहीं। इनके पास सांप थे तो वो भी सुप्रीम कोर्ट ने छीन लिए। अब इनके पास बीन बची है। पुलिस इन्हें लाठी दिखा रही है। चंबल और यमुना किनारे रहने वाले लोग कागज नहीं दिखाएंगे। दिल्ली विधानसभा चुनाव पर बोलते हुए अखिलेश ने दावा किया कि वहां भाजपा की करारी हार होने वाली है। अरविंद केजरीवाल दोबारा सीएम बनेंगे। रामगोपाल यादव ने भी इस अवसर पर कहा कि सपा ने विकास की राजनीति की है।
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