त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की आरक्षण सूची मंगलवार को जारी कर दी गई। जिला मजिस्ट्रेट श्रुति सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर और जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र सिंह के अनुमोदन के बाद सूची को सभी विकास खंड कार्यालयों और विकास भवन में चस्पा कराया गया।
सूची देखने वालों की दिन भर भीड़ रही। शासन ने उन सीटों को सबसे पहले आरक्षण की श्रेणी में शामिल किया जो पिछले 26 सालों से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नहीं हो सकी थी।
सैफई ग्राम पंचायत एससी महिला के लिए आरक्षित हुई है। इसी तरह सांसद डॉ. राम शंकर कठेरिया की गृह ग्राम पंचायत नगरिया सरावा भी एससी के लिए आरक्षित हुई है। यह दोनों ग्राम पंचायतें उन वंचित ग्राम पंचायतों में शामिल थी जो आरक्षित नहीं हुई थीं।
सदर विधायक सरिता भदौरिया की गृह ग्राम पंचायत उदी को अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। जिले में 471 ग्राम पंचायतें हैं। इनका आरक्षण जारी कर दिया गया है। इसमें सबसे पहले वंचित ग्राम पंचायतों को आरक्षित किया गया है।
सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के गृह ब्लाक सैफई में इस बार अनुसूचित जाति की महिला ब्लाक प्रमुख बनेगी। पिछले 26 सालों से मुलायम परिवार का एकाधिकार इस बार समाप्त हो जाएगा। सैफई की ब्लाक प्रमुख की सीट अभी तक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नहीं हो सकी थी।
यह सीट 1995 में ओबीसी, 2000 में अनारक्षित, 2005 में ओबीसी, 2010 में अनारक्षित और 2015 में पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित हुई। सबसे पहले यहां मुलायम सिंह यादव के भतीजे रणवीर सिंह यादव पहले ब्लाक प्रमुख बने।
वे लगातार इस पद पर रहे। उनके निधन के बाद 2005 में मुलायम सिंह के ही दूसरे भतीजे धर्मेंद्र यादव ब्लाक प्रमुख बने। इसके बाद नाती तेज प्रताप सिंह यादव ने यह कुर्सी संभाली। 2015 में स्व रणवीर सिंह की धर्मपत्नी मृदुला यादव ब्लाक प्रमुख निर्वाचित हुई। लगातार एक ही परिवार के प्रतिनिधि यहां चुने जाते रहे।
इस बार ब्लाक प्रमुखी की कुर्सी मुलायम ेंह यादव के परिवार को नहीं मिलेगी। इस सीट को अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। सैफई की ग्राम प्रधान अब अनुसूचित जाति की महिला चुनी जायेगी। यहां लगातार 26 साल तक मुलायम सिंह यादव के बचपन के साथी दर्शन सिंह यादव प्रधान रहे। अब उनका निधन हो चुका है।
जिला पंचायत सदस्यों का आरक्षण
ताखा प्रथम ओबीसी महिला, ताखा द्वितीय महिला, ताखा तृतीय ओबीसी, बसरेहर प्रथम अनारक्षित, बसरेहर द्वितीय महिला, बसरेहर तृतीय ओबीसी, सैफई प्रथम अनारक्षित, सैफई द्वितीय महिला, जसवंतनगर प्रथम एससी, जसवंतनगर द्वितीय ओबीसी, जसवंतनगर तृतीय अनारक्षित, भरथना प्रथम महिला, भरथना द्वितीय एससी, भरथना तृतीय एससी महिला, बढ़पुरा प्रथम एससी महिला, बढ़पुरा द्वितीय ओबीसी, बढ़पुरा तृतीय अनारक्षित, महेवा प्रथम अनारक्षित, महेवा द्वितीय ओबीसी महिला, महेवा तृतीय एससी, महेवा चतुर्थ अनारक्षित, महेवा पंचम एससी, चकरनगर प्रथम व द्वितीय अनारक्षित
ग्राम पंचायत प्रधानों के 471 पदों में से एससी महिला के 40, एससी 74, ओबीसी महिला 46, ओबीसी के लिए 85 पद आरक्षित होंगे। 74 पद सामान्य महिला और 152 अनारक्षित होंगे। ब्लाक प्रमुख के आठ पदों में दो एससी, दो ओबीसी के लिए आरक्षित होंगे। इनमें एक एक पद उसी वर्ग की महिला का होगा। इसके अलावा महिला सामान्य का एक और तीन पद अनारक्षित होंगे। कुल मिलाकर तीन पदों पर महिला ब्लाक चुनी जाएंगी।
दर्ज करा सकते हैं आपत्तियां
इटावा। जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र सिंह ने बताया कि आरक्षण की अनंतिम सूची के संबंध में चार मार्च से आठ मार्च तक आपत्तियां ली जाएगी। 10-12 मार्च को निस्तारण के बाद 14 मार्च को अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा। क्षेत्र पंचायत कार्यालय अथवा जिला मुख्यालय पर निर्धारित तिथि को सुबह 10 बजे से सायं 4 बजे आपत्ति दी जा सकती है।
महेवा में सामान्य वर्ग के दावेदारों की उम्मीद टूटी
बकेवर। महेवा ब्लाक प्रमुख का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने से कई सामान्य वर्ग ब्लॉक प्रमुखी के दावेदारों के अरमान टूट गए। सबसे अधिक अनारक्षित सीट रहने पर दावेदार सत्ता पक्ष से थे। जिसमें वर्तमान ब्लाक प्रमुख अशोक चौबे सहित भूत पूर्व ब्लाक प्रमुख पति क्षेत्रीय उपाध्यक्ष भाजपा शिव महेश दुबे अपने पुत्र के लिए प्रबल दावेदार थे।
सोशल मीडिया पर बढ़ी सक्रियता
निवाड़ीकला। आरक्षण सूची जारी होने के बाद से ही सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म पर भी सरगर्मी दिखाई दी। लोग अपने अपने तरीके से सूची को लेकर प्रतिक्रिया देते रहे । कहीं अबकी बार नेता नही बेटा चुने का स्लोगन फेसबुक पाए लगाए दिखे। सोशल मीडिया पर उम्मीदवारों से ज्यादा उनके समर्थकों में जोश दिखाई दे रहा है ।