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बाढ़ में बह गई पुलिया, नहीं पहुंच रही मदद

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बढ़पुरा गांव में बाढ़ में बह गई पुलिया - फोटो : ETAWAH
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उदी। गांव की पुलिया बाढ़ में टूट के बह गई, अब लल्ला बाजार कैसे जाएं। अगर कोई बीमार हो जाएं, तो गांव में ही मर जें इलाज केलय नहीं जाए पे। यह दर्द है बढ़पुरा ब्लॉक क्षेत्र के मंडैया बढ़पुरा गांव के बलराम का है।
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चंबल व यमुना का जलस्तर भले ही कम हो गया है, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। प्रशासन की तरफ से पर्याप्त मदद नहीं आ रही है। खाने-पीने का संकट है।
कई गांवों के लोग तो अभी भी अंधेरे में रह रहे हैं। बाढ़ के चलते कई गांवों का संपर्क मार्ग बह गया या पुलिया टूट गईं हैं। इसके चलते बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों तक मदद नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। इसका उदाहरण है बढपुरा ब्लाक का मंडैया बढ़पुरा गांव।
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यहां संपर्क मार्ग की पुलिया टूट कर बहने से यह गांव कट गया है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में जाने के लिए करीब एक किलोमीटर का रास्ता कच्चा है। पुलिया बहने की वजह से यहां के लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बाढ़ प्रभावित इस गांव के लोगों का कहना है कि न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी उनके गांव हाल देखने आया। बस गांव के बाहर तक नेता व अधिकारी और वापस लौट गए।
गांव के ही मुरारी पंडित ने बताया गया पुलिया टूटने से उन लोगों को गांव से बाहर जाने के लिए मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। इसी गांव के उदयभान ने बताया कि पुलिया टूटने से गांव का मुख्य संपर्क मार्ग बंद हो गया है।
कोई वाहन गांव में आ जा नहीं सकता है। ऐसी स्थिति में अगर कोई व्यक्ति बीमार हो गया तो वह अस्पताल तक पहुंचा पाना मुमकिन नहीं हो सकेगा। अब तो जिंदगी भगवान के भरोसे ही चल रही है।
जलस्तर हो रहा कम
चंबल का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। खतरे के निशान से 8 मीटर ऊपर नदी चंबल नदी का जलस्तर अब खतरे के निशान 121.22 से 3 मीटर नीचे 118.7 पर आ गया है। यमुना का जल स्तर 116 पर पहुंच गया है।
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