फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बर्खास्त शिक्षकों ने स्टे लेकर मांगी तैनाती

विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। बीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर परिषदीय विद्यालयों से बर्खास्त किए गए 23 शिक्षकों ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के अंतरिम रोक लगाने संबंधी आदेश की प्रति बीएसए कार्यालय को सौंप दी। शिक्षकों ने अब पूर्व की भांति तैनाती की मांग की है। बीएसए अजय कुमार सिंह का कहना है कि इस मामले में उच्चाधिकारियों से राय लेने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन

बता दें कि वर्ष 2005 में डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड प्रशिक्षण प्राप्त कर परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के अभिलेखीय साक्ष्यों की पुलिस महानिदेशक विशेष अनुसंधान के आदेश पर जांच कराई गई थी। जांच में इटावा जिले में 23 शिक्षकों की डिग्री फर्जी मिली थी। बीएसए अजय कुमार सिंह ने सभी 23 शिक्षकों को साल की शुरुआत में चार जनवरी को बर्खास्त कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ शिक्षकों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं।
हाईकोर्ट ने शिक्षक जितेंद्र सिंह, अजय कुमार, विकास चंद्र, मंजू देवी, सर्वेश कुमार, अभिषेक, मीरा, सत्यप्रकाश, प्रवेंद्र, धर्मेंद्र सिंह, सतेंद्र कुमार, गिरीश कुमार यादव, राजेश कुमार आदि की याचिका पर सुनवाई करते हुए 17 जनवरी को बीएसए के बर्खास्तगी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। याची गणों ने बताया कि उन्होंने आदेश की प्रति बीएसए कार्यालय के सुपुर्द कर दी है। साथ ही पूर्व में तैनाती स्थल पर ही कार्यभार ग्रहण कराए जाने की मांग की है। बीएसए अजय कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन लेने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें