इटावा। बुधवार की दोपहर को अचानक गरज के साथ तेज बरसात होने किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी हैं। तेज पानी के बरसने से आलू की फसल की खुदाई प्रभावित हो गई खेतों में पानी भरने से आलू की फसल में नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है। साथ ही खेतों में खड़ी सरसों-चना की फसलों को नुकसान हुआ है। तेज हवा के कारण कई जगह गेहूं की फसल भी गिर गई है। इससे पैदावार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इस समय जिले में आलू की फसल की ख्ुादाई का काम चल रहा है। आए दिन मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए किसान आलू की फसल की खुदाई में लगा हुआ है लेकिन बुधवार की दोपहर को अचानक तेज हवाओं के साथ बरसात श्ुारू हो गई। जिन किसानों ने आलू की खुदाई कर ली। वह फसल खेत में रखी है। उसकी छंटाई-बिनाई का काम भी बंद हो गया है। आलू उत्पादक किसान अमित कुमार उपाध्याय, सुरेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि चार-पांच दिन पूर्व बरसात होने के कारण आलू की खुदाई का काम बंद हो गया था। तीन-चार दिन खुदाई का काम बंद रहा। मंगलवार से किसानों ने खुदाई का काम शुरू किया लेकिन बुधवार को फिर से पानी गिर गया। पानी बरसने से आलू की खुदाई बंद हो गई। साथ ही आलू खराब होने का खतरा भी पैदा हो गया है।
किसानों का कहना है कि इस समय पानी नहीं आफत बरस रही है। पानी बरसने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। सरसों व चना की फसलों की पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ा है। इसके अलावा तेज हवाओं के साथ पानी बरसने से गेहूं की फसल गिर जाने से बर्बाद हो गई। किसानों के सामने गंभीर संकट पैदा हो गया है। किसान संजीव तिवारी हरिश्चंद्रपाल ने बताया कि सरसों की फसल तैयार है। पानी बरसने से उसकी फलियां फूलकर फटनें लगेगी। इससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पडेगा। प्रकृति की मार से किसान परेशान है।