इटावा। दिल्ली से इटावा आने वाले यात्रियों को होली पर ट्रेनों में मारामारी का सामना करना पड़ सकता है। चार ट्रेन निरस्त होने से ज्यादा दिक्कत आ रही है। होली को करीब 12 दिन हैं और वोटिंग सूची अभी से 75 से लेकर 298 तक पहुंच गई है।
नई दिल्ली से आने वाली 17 ट्रेनों का इटावा रेलवे स्टेशन ठहराव है। इसमें गोमती, महानंदा, ऊंचाहार, फरक्का एक्सप्रेस नवंबर से निरस्त हैं। सामान्य दिनों में इटावा जंक्शन से 300 यात्री आरक्षित बोगियों में यात्रा करते हैं। होली, दिवाली, रक्षाबंधन, ईद, बकरीद जैसे त्योहारों पर ये आंकड़ा 600 से 700 तक पहुंच जाता है। 12 दिन बाद होली है। त्योहार पर दिल्ली से इटावा तक आरक्षित बोगियों में वेटिंग शुरू हो गई है।
वैशाली एक्सप्रेस 298, कालका एक्सप्रेस 158, पूर्वा एक्सप्रेस 124, मगध एक्सप्रेस 79, आम्रपाली एक्सप्रेस 75, मुरी एक्सप्रेस में 77, नीलांचल एक्सप्रेस में 85 वेटिंग चल रही है। इसी तरह दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेन कालका एक्सप्रेस में 166, पूर्वा एक्सप्रेस 70, नीलांचल एक्सप्रेस में 70, आम्रपाली एक्सप्रेसमें 55, मगध एक्सप्रेस में 83, मुरी एक्सप्रेस में 86, वैशाली एक्सप्रेस में 94 वेटिंग है। ये मारामारी चार ट्रेनों के निस्त होने के कारण भी है।
इनसेट
सामान्य यात्रियों के लिए साढ़े नौ घंटे कोई ट्रेन नहीं
इटावा जंक्शन से दिल्ली के लिए सुबह 5 बजे मगधएक्सप्रेस जाती है। इस 7:15 बजे शताब्दी एक्सप्रेस जाती है लेकिन इसमें सामान्य यात्रियों के लिए कोई जगह नहीं होती है। मगध के बाद 9:30 घंटे घंटे दिल्ली के लिए दूसरी ट्रेन नहीं है। दोपहर 2:30 बजे हावड़ा चलकर नई दिल्ली जाने वाली कालका एक्सप्रेस इटावा पहुंचती है। इस बीच कोई ट्रेन न होने से यात्रियों को परेशानी होती है। निरस्त चल रही गोमती 9:45 बजे जाती थी।
स्टेशन अधीक्षक पीएम मीना ने बताया कि गोमती एक्सप्रेस पहली मार्च से चलने लगेगी, महानंदा, फरक्का तथा ऊंचाहार एक्सप्रेस के चलने की अभी तक कोई सूचना नहीं है। आगरा-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस भी निरस्त है। आगरा-मथुरा होकर दिल्ली जाने वाली तूफान एक्सप्रेस कभी-कभी चलाई जा रही है।