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पुलिस वाले ने खींच ली आपकी फोटो, तो समझ लीजिए घर आने वाली है आफत

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इटावा। अभी तक आप यातायात नियम तोड़कर चौराहे पर खड़े पुलिसकर्मी से बचकर निकल जाते थे। इसका मतलब था कि आपका चालान नहीं हुआ है, लेकिन अब पुलिस कर्मी आपको नहीं रोकेंगे।
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वह आपके वाहन वाहन की एक फोटो मोबाइल से क्लिक करेंगे और ई-चालान कर उसकी कॉपी स्पीड पोस्ट से आपके घर भेज दी जाएगी। इटावा शहर में यातायात पुलिस इस सप्ताह से यह शुरू करने जा रही है। इसके तहत 30 मोबाइल फोन व 45 सिम बृहस्पतिवार को यातायात पुलिस कर्मियों को एसएसपी डा.बृजेश कुमार सिंह ने अपने कार्यालय में वितरित किए।
इस सप्ताह से कटेगा चालान
सड़क पर गाड़ी खड़ी कर शॉपिंग के लिए चले गए, तो इसका मतलब यह नहीं है कि पुलिसकर्मी आप के लौटने के इंतजार करेगा। वह फौरन मोबाइल से आपकी गाड़ी का चालान कर देगा और चालान की कॉपी आपके में पहुंच जाएगी।
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यातायात व्यवस्था पर कसेगी लगाम
एसएसपी ने बताया कि यह व्यवस्था मुख्यता नो पार्किंग, ट्रिपलिंग, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवर स्पीड, तेज ड्राइविंग, ओवर लोडिंग और रॉग साइड ड्राइविंग करने वालों पर लगाम कसने के लिए बनाई गई है।
फोन में यूपी पुलिस का ई चालान एप
जिले में शुरू की गई इंटीग्रेटिंग ई चालान प्रणाली का ही यह हिस्सा होगा। 30 नए मोबाइलों के साथ ई चालान पुलिस करेगी। फोन में यूपी पुलिस का ई चालान का एप है। पुलिसकर्मी वाहन का फोटो क्लिक कर उसके साथ टिप्पणी भी लिखेगा।
यानी किस तरह का यातायात नियम का उल्लंघन किया जा रहा है। इसके बाद चालान की राशि खुद एप भर लेगा। पुलिसकर्मी के सबमिट करने के साथ ही ई-चालान हो जाएगा। कुछ मोबाइल भीड़-भाड़ वाले इलाकों में तैनात रहने वाले पुलिसकर्मियों को भी दिए गए हैं, ताकि सड़क पर पार्क किए गए वाहनों का चालान किया जा सके।
वाहन से रजिस्टर करा लें मोबाइल नंबर
नए मोबाइलों में प्रिंटर मशीन नहीं लगी है। इसलिए यदि चालान करते वक्त वाहन स्वामी आ जाता है तो उसे मौके पर चालान पर्ची नहीं दी जा सकेगी। हालांकि पुलिसकर्मी उसे चालान संख्या बता देंगे।
इसके आधार पर पुलिस लाइन या ट्रैफिक पुलिस कार्यालय से पर चालान का भुगतान किया जा सकता है। चालान होने पर रजिस्टर मोबाइल नंबर पर मैसेज भी जाएगा।
वहीं कई लोगों का पता बदल जाता है तो कुछ लोग रिश्तेदार या अन्य किसी के नाम से वाहन खरीदते हैं। जबकि चालान उस पते पर पहुंचेगा जिसका एड्रेस प्रूफ देकर वाहन का रजिस्ट्रेशन कराया गया है। इसलिए परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपने वाहन से अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत करा लें, ताकि चालान होने पर पता चल जाए।
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