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बसरेहर के रिटोली गांव में झाड़ियों के बीच झोले में मिला नवजात

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झाड़ियों में मिले नवजात को गोद में लिए बैठी महिला - फोटो : ETAWAH
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इटावा। बसरेहर क्षेत्र के रिटोली गांव के पास खेतों में झाड़ियों के बीच पड़े झोले में गुरुवार को एक नवजात पड़ा मिला। पुलिस ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
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वहीं, बच्चे को गोद लेने के लिए कई निसंतान दंपती पुलिस के पास पहुंचने लगे हैं। पुलिस का कहना है कि नियमानुसार ही बच्चा किसी को गोद दिया जाएगा।
रिटोली गांव निवासी बाबूराम कठेरिया की पत्नी साधना ने बताया कि उनके घर से कुछ दूर स्थित खेतों में खड़ी झाड़ियों के बीच के किसी बच्चे के रोने की आवाज गुरुवार सुबह आ रही थी।
वह दौड़कर पहुंची, तो वहां एक झोला पड़ा मिला। उसने झोला उठाकर खोला, तो उसने नवजात रो रहा था। नवजात के मिलने की खबर क्षेत्र में फैलते ही तमाम लोग जमा हो गए।
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सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। थाना प्रभारी राजीव यादव ने आसपास के लोगों से नवजात के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया, लेकिन कोई कुछ नहीं बता सका।
पुलिस ने नवजात को सीएचसी में भर्ती कराया। वहां से बच्चे को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ.विकास सचान ने बताया कि नवजात का जन्म करीब 18 घंटे पहले हुआ है।
फेंके जाने की वजह से सिर पर नवजात के कई जगह चोट आई है। हालांकि, बच्चा स्वस्थ है। उसकी धड़कन भी ठीक है। जिला अस्पताल में उसे मशीन पर रखा गया है।
वहीं, बच्चे को गोद लेने की होड़ में कई निसंतान लोग आगे आए हैं। थाना प्रभारी ने सभी को बताया कि आला अधिकारियों व स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के बातचीत के बाद नियमानुसार ही बच्चा किसी को गोद दिया जाएगा।
बच्चे की देखरेख करने के लिए रिटोली गांव निवासी राजीव कुमार की पत्नी ममता जिला अस्पताल पहुंची है। उन्होंने कहा अगर यह बच्चा उन्हें मिलता है तो दिबियापुर औरैया निवासी भाई किशन को दे देंगी। किशन की शादी को आठ वर्ष हो गए हैं, लेकिन उन्हें कोई बच्चा नहीं है।
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