जसवंतनगर। थाना क्षेत्र के नगला वर्माजीत गांव में गुरुवार सुबह एक महिला अपने छह माह के मासूम बेटे को कमरे के बाहर सुला कर खुद फांसी के फंदे पर झूल गई।
ससुराल वालों ने घटना की सूचना पुलिस व मृतका के मायके वालों को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को फंदे से नीचे उतारा। इधर मायके वालों के आते ही ससुराली फरार हो गए। पुलिस के कहना है कि आरती के परिजनों की तहरीर व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
नगला वर्माजीत गांव निवासी पवन यादव की शादी आरती (28) से 22 जून 2018 को हुई थी। उनके छह माह का बेटा राज है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि गुरुवार सुबह आरती के सास-ससुर व पति खेत पर काम करने गए थे।
घर में आरती व उसका बेटा थे। सुबह करीब नौ बजे आरती ने बेटे राज को कमरे बाहर तखत पर सुला दिया। इसके बाद खुद कमरा बंद करके पंखे के कुंडे के सहारे साड़ी से फांसी लगा ली।
दोपहर में पवन और उसके माता-पिता खेत से घर लौटे और बहू को आवाज दी। तो कमरे के अंदर से कोई आवाज नहीं आई। इस पर उन्होंने दरवाजे की दराज से अंदर झांककर देखा।
तो आरती का शव फंदे से लटक रहा था। इस पर परिजनों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। थाना प्रभारी अमरपाल सिंह फोरेंसिक टीम के घटनास्थल पर पहुंचे।
उन्होंने कमरे का दरवाजा खुलवाकर शव को फंदे से नीचे उतरवाया। फोरेंसिक टीम ने घटना के साक्ष्य जुटाए। इस दौरान मैनपुरी के थाना बरनाहल, नगला दौलत गांव निवासी आरती के पिता गोरेलाल, भाई गौरव समेत मायके पक्ष के तमाम लोग पवन के घर पहुंच गए।
आरोप है कि पवन व उसके परिजन आरती के घरवालों को देखते ही मौके से भाग निकले। ग्रामीणों के मुताबिक बुधवार को दंपती के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। थाना प्रभारी ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। मामले की जांच की जा रही है।
फोटो संख्या 16- घर में विलाप करते परिजन- फोटो : ETAWAH
फोटो संख्या 17- मौके पर जांच पड़ताल करते कोतवाली प्रभारी- फोटो : ETAWAH