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बीडीसी के अपहरण की कहानी निकली झूठी, सपा व भाजपा कार्यकर्ता भिड़े

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इटावा। बढ़पुरा थाना क्षेत्र के बाहुरी गांव के बीडीसी राम करन बघेल के गायब होने के मामले में गुरुवार को नया मोड़ आ गया। पुलिस को रामबघेल इटावा में ही मिल गए।
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देर शाम बीडीसी ने कोर्ट में कलमबंद बयान दिया कि वह अपनी मर्जी से ट्रक चलाने गया था। उसका अपहरण नहीं हुआ है। बीडीसी के बयान देने के बाद कोर्ट के परिसर में सपा और भाजपा पक्ष के लोगों में मारपीट हो गई।
सूचना पर पहुंचे एसपी सिटी और सीओ सिटी ने मामला शांत कराया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। बीडीसी सदस्य रामकरन बघेल के पिता ने 27 जून को बढ़पुरा ब्लाक से सपा प्रत्याशी आनंद यादव उर्फ टंटी के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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बाहुरी गांव के बीडीसी रामकरन बीते दिनों बिना बताए कहीं चले गए थे। कई दिन तक उनका कुछ पता नहीं चला। गुरुवार दोपहर को बढ़पुरा पुलिस ने इटावा में घूमते हुए रामकरन को खोज लिया।
इसके बाद बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस रामकरन को कोर्ट लेकर पहुंची। कोर्ट में रामकरन ने खुद के अपहरण की कहानी को गलत बताया। कहा कि वह अपनी मर्जी से ट्रक चलाने के लिए गया था।
इसकी जानकारी मिलते ही भाजपा विधायक सरिता भदौरिया व सपा जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव भी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते दोनों ओर से मारपीट शुरू हो गई।
इस घटना की सूचना पुलिस कर्मियों ने अपने अधिकारियों को दी। एसपी सिटी प्रशांत कुमार व सीओ राकेश वशिष्ठ फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और मामला शांत कराया। देर रात एक बड़े पुलिस अफसर के आवास पर दोनों पक्षों में बातचीत चल रही थी।
थानाध्यक्ष का बयान
बीडीसी रामकरन लापता हो गए थे। उनके पिता ने सपा नेता टंटी यादव पर अपहरण की रिपोर्ट कराई थी। गुरुवार को बीडीसी सदस्य मिल गए। कोर्ट में दिए गए बयान में उन्होंने कहा कि उनका अपहरण नहीं हुआ था।
वह खुद ट्रक चलाने के लिए गए थे। ट्रक चलाते हुए वीडियो भी सोशल मीडिया मेें वायरल किया था। मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने पुलिस पर लगे आरोपों को निराधार बताया है।
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