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फर्जी बिल के सहारे लायन सफारी में पहुंच रहा मीट

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इटावा। लायन सफारी में शेरों के खाने में प्रयोग होने वाले मीट की सप्लाई के मामले में भी घालमेल हो रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मीट की सप्लाई करने में गड़बड़ी करने वाले तीन लाइसेंसियों के मीट सप्लाई करने पर अगले आदेशों तक रोक लगा दी है।
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इटावा में कोई स्लाटर हाउस नहीं है। ऐसे में लायन सफारी में शेरों के खाने के लिए हर दिन ताजा मीट सप्लाई किया जाता है। पहले तो मीट सप्लाई का काम सीधे होता रहा।
वर्ष 2017 में प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद जानवरों की अवैध कटाने पर रोक लगा दी गई। चूंकि जिले में कोई स्लाटर हाउस नहीं था। इसलिए मीट की सप्लाई इटावा से वैधानिक तौर पर नहीं हो सकती थी।
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इसे लेकर लायन सफारी में उस समय काफी हायतौबा मची रही। इसके बाद वर्ष 2018 में मीट सप्लाई का लायन सफारी में अनुबंध किया गया। खाद्य विभाग से लाइसेंसी को नजदीकी स्लाटर हाउस से मीट का परिवहन कर सप्लाई की व्यवस्था बनाई गई।
लायन सफारी में मीट के ट्रांसपोर्ट के लिए पहले एक ही लाइसेंसी थे। मोहम्मद इसरार निवासी शाहगदाली शहर इटावा को एफएसएस नियमावली 2011 के अनुसार मीट वधशाला से उचित रूप से प्राप्त कर सप्लाई की अनुमति दी गई।
इसके बाद इस काम में तीन और लाइसेंसी आ गए। एक से अधिक लोगों ने मीट सप्लाई का काम शुरू किया तो वे आपस में एक दूसरे की शिकायत करने लगे। शिकायत का मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में पहुंचा।
जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट उमेश मिश्रा को पूरे मामले में जांच कर कार्रवाई की निर्देश दिए। इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी एडी पांडेय ने लाइसेंसियों से बिलों, गेट पास की जांच के लिए स्लाटर हाउस आगरा और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से गेट पास और बिलों के सत्यापन की रिपोर्ट मांगी।
इसमें फिग्रोरिफिको अल्लाना प्रा.लि नगर निगम आगरा से मीट सप्लाई के लिए एक मात्र वैध मीट ट्रांसपोर्टर मोहम्मद इसरार ही पाए गए। वहीं तीन मीट ट्रांसपोर्टर लाइसेंस धारक समीदा बानो निवासी मेवाती टोला, ट्रांसपोर्टर चमन बेगम न्यू बस्ती आजाद नगर, ट्रांसपोर्टर निजामुद्दीन निवासी घटिया अजमत अली के बिलों एवं गेटपास को संदेहजनक पाए गए।
इनकी सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने अग्रिम आदेेेशों तक मीट का गेटपास जारी करने पर रोक लगा दी है। आदेश की प्रति प्रभारी निरीक्षक कोतवाली और लाइसेंस धारकों को भेजी गई है।
ऐसे होती है गड़बड़ी
स्लाटर हाउस से मीट लेने पर लाइसेंसियों को ट्रांसपोर्ट के लिए बिल और गेटपास जारी होता है। तीन लाइसेंसी जो बिल प्रस्तुत कर रहे थे। उसका रिकार्ड मिलाने पर अलग अलग पाया गया। जिससे यह संदेश हुआ कि मीट कहीं और से खरीदकर लायन सफारी में सप्लाई किया जा रहा है। इस बारे में लाइसेंसियों ने भी विभाग के प्रश्नों का कोई उत्तर नहीं दिया है।
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