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शादी वाले घर में सिलिंडर लीक पर लगी आग, नौ लोग झुलसे

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इटावा। शहर के फ्रेंडस कालोनी थाना क्षेत्र स्थित शिवा कालोनी में शनिवार को एक शादी वाले घर में लीकेज गैस सिलिंडर में आग लग गई। जिसकी लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।
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लोगों की चीख सुनकर आसपास के लोग और घर के बाहर मौजूद रिश्तेदारों ने किसी तरह जलते हुए सिलिंडर को बाहर निकालकर आग पर काबू पाया। हादसे में दूल्हे की मां, मौसी, नानी व बहन समेत नौ लोग झुलस गए।
गृहस्थी के साथ ही शादी में शरीक होने आए रिश्तेदारों के कपड़े, सामान, जेवर, एक लाख रुपये और दुल्हन को चढ़ावे में दिए जाने वाले कपड़े तक जलकर बर्बाद हो गए।
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शिवा कालोनी निवासी दूध व्यापारी श्याम नागर के बेटे अंकित की शादी कानपुर नगर के मकनपुर बिल्हौर के संदीप की बहन कोमल से तय हुई है। शनिवार को अंकित की बरात जानी थी।
रिश्तेदार व परिवार के लोग शुक्रवार को ही उसके घर आ गए थे। शनिवार की सुबह परिजन और रिश्तेदार बरात में जाने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान अंकित की मौसी श्रीदेवी बरामदे में लगे मंडप के पास ही रसोई गैस पर खाना पका रही थीं।
सुबह करीब नौ बजे अचानक सिलिंडर लीक होने से आग लग गई। जब तक कोई कुछ समझ पाता कि रबर जलकर रेगुलेटर से बाहर निकल गई। रेगुलेटर से प्रेशर से गैस निकलने पर लपटों ने बाथरूम व कमरे में मौजूद लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।
घर में रखा गृहस्थी का सामान, रिश्तेदारों के कपड़े, नगदी, चढ़ावे को लाए गए दुल्हन के कपड़ों में आग लग गई। कमरे व बाथरूम में फंसे लोगों की चीख सुनकर आसपास के लोग और घर के बाहर मौजूद रिश्तेदार दौड़कर भीतर पहुंचे।
उनमें कुछ लोगों ने समझदारी का दिखाई और जलते सिलिंडर को उठाकर बाहर फेंक दिया। इसके बाद पानी डालकर आग बुझाई। इस दौरान कमरे व बाथरूम में मौजूद दूल्हे की मां गुड्डी, बहन अंजली, ईशा, नानी गोदावरी देवी, मौसी किशोरी, गीता, सुनीता, पूनम व शिवदेवी झुलस गई। इन सभी को परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने किशोरी, गीता, शिवदेवी व सुनीता को गंभीर हालत में सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी रेफर कर दिया। अंकित ने बताया कि उसकी गृहस्थी के साथ ही रिश्तेदारों का सामान, एक लाख रुपये, जेवरात व चढ़ावे को लाए गए दुल्हन कपड़ों समेत सब कुछ जल गया।
परिवार के लोग व रिश्तेदार अपना-अपना सामान जला देख फफक रहे हैं। आसपास के लोगों उन लोगों को सांत्वना देकर शांत कराया।
...तो चली जाती 35 लोगों की जान
जिस वक्त श्याम नागर के घर में आग लगी। उस वक्त परिजनों और रिश्तेदारों समेत 35 लोग मौजूद थे। इनमें कई बच्चें भी शामिल थे। परिजनों ने अपने-अपने बच्चों की जान बचाने के लिए उन्हें उठाकर घर के बाहर स्थित रेलवे लाइन की तरफ फेंक दिया।
इससे कई बच्चों को चोटें आईं, लेकिन उनकी जान बच गई। अंकित की मौसी संगीता ने कहा कि अगर समय रहते लपटों से घिरे सिलिंडर को घर से बाहर नहीं निकाला जाता, तो सिलिंडर फट जाता और 35 लोगों की जान चली जाती।
जान बचाने को ओढ़ ली रजाई
हादसे के समय अंकित की नानी गोदावरी देवी कमरे में बैठी थीं। जिला अस्पताल में भर्ती गोदावरी ने बताया कि जैसे ही आग लपटें कमरे के भीतर आईं, तो लगा अब जान चली जाएगी। उन्होंने फौरन पास रखी रजाई ओढ़ ली। इससे वह झुलस जरूर गईं, लेकिन जान बच गई।
घर के बर्तन, पंखा व बिजली का बोर्ड तक जल गया
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि बरामदे की छत पर लगा सीलिंग फैन, बिजली के बोर्ड तक जल गए। आग की तपिश से भगौना, बाल्टी व अन्य बर्तन गल गए। इससे आग की भयावता का पता लगाया जा सकता है।
शाम को कुछ बरातियों के साथ गई बारात
शनिवार शाम अंकित के परिजनों ने सादगी के साथ शादी की रस्म पूरी करने का फैसला किया। अंकित की मौसी संगीता का कहना है कि जिस तरह से हमारे घर में शादी की तैयारियां हो गईं थी, वैसे ही दुल्हन पक्ष के घर में भी शादी की तैयारियां हो गईं।
उनके यहां खाना बन गया और रिश्तेदार भी आ गए हैं। ऐसे में दुल्हन पक्ष के लोगों के घर में बर्बादी न हो। इसलिए शाम को कुछ रिश्तेदारों के साथ अंकित की बरात गई। जहां सादगी के साथ शादी की रस्म पूरी कराई गईं।
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