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अधिकारियों की वाह में दब गई किसानों की आह

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भरथना के गांव मोड़ी में सरसों की फसल को देखते कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही व अन्य - फोटो : ETAWHA
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इटावा। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान से कराह रहे किसानों की आह को अधिकारियों ने जिले के प्रभारीमंत्री तक नहीं पहुंचने दिया। मंत्री खेतों तक तो गए लेकिन किसानों को उनसे मिलने ही नहीं दिया गया। मुआवजे के प्रमाणपत्र देते समय भी किसानों को पीड़ा बया नहीं करने दी गई।
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उद्यान अधिकारी मंत्री को उस खेत पर ले गए जिसमें कोई नुकसान हुआ ही नहीं। निरीक्षण और बैठक में अधिकारियों की लापरवाही पर प्रभारी मंत्री की भौहें तनी तो रहीं लेकिन फिलहाल किसी अधिकारी पर उन्होंने कार्रवाई नहीं की। ताज्जुब की बात ये रही कि साथ रहे जनप्रतिनिधियों और भाजपा नेताओं ने भी किसानों का दर्द मंत्री तक नहीं पहुंचाया। पिछले सप्ताह दो बार हुई बारिश और ओलावृष्टि में सदर, चकरनगर और भरथना तहसील में किसानों को भारी नुकसान हुआ था। पहले तो अधिकारियों ने सर्वे में ही लापरवाही बरती लेकिन जब अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने पर सांसद रामशंकर कठेरिया ने अधिकारियों की क्लास लगाई तो दोबारा सर्वे कराया गया। इसमें तीनों तहसीलों में 33 फीसदी नुकसान बताकर 9870 किसानों के लिए 1 करोड़ 98 लाख 14 हजार 573 रुपये मुआवजा की मांग की। जिले के प्रभारीमंत्री सूर्यप्रताप शाही सोमवार को ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान की हकीकत जानने जिले में आए थे। प्रभारी मंत्री दोपहर करीब एक बजे भरथना तहसील के गांव मोढ़ी में किसान गंभीर पुत्र मैकूलाल के खेत पर पहुंचे। उन्होंने कटी पड़ी सरसों की फसल के फलियां हाथ से मसलकर दाने एक लिफाफे में जेब में रख लिए। प्रभारीमंत्री के पास किसान गंभीर को नहीं पहुंचने दिया गया। तहसीलदार गजराज सिंह ने नुकसान का रटारटाया आंकड़ा प्रभारी मंत्री के पास बता दिया गया। इसके बाद प्रभारी मंत्री ने 10 किसानों को 10 मिनट में मुआवजे के प्रमाणपत्र दिलवा दिए गए। प्रमाणपत्र दिलाने में भी अफसरों ने जल्दी जल्दी किसानों को आगे बढ़ा दिया ताकि वे बात न कह सकें। निरीक्षण के बाद प्रभारी मंत्री विकास भवन सभागार में नुकसान और मुआवजे की समीक्षा के लिए पहुंच रहे थे। मंत्री के विकास भवन पहुंचने से पहले राजस्व अधिकारियों की चिंता बढ़ी रही। एक एसडीएम ने यहां तक कह दिया कि कृषि अधिकारियों ने अगर मंत्री के सामने 50-60 प्रतिशत नुकसान की बात कह दी तो दिक्कत हो जाएगी।
इसके बाद कृषि और राजस्व अधिकरियों में जुगलबंदी हो गई। प्रभारी मंत्री के सामने राजस्व विभाग का आंकड़ा रखा ही था। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने पूछा क्या राजस्व विभाग ने नुकसान का सही सर्वे किया है। इस पर कृषि अधिकारी ने कहा कि सर हमने मिलकर सर्वे किया है। आंकड़े सही हैं, इतना ही नुकसान हुआ है। जिला उद्यान अधिकारी ने कहा कि आलू को जिले में कोई नुकसान नहीं हुआ है।
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