फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेलवे व बस स्टेशन ही नहीं अस्पतालों से भी कोरोना हेल्प डेस्क गायब

विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। प्रदेश में कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस प्रवेश कर चुका है। इसके बाद भी जिला अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे पर लापरवाही बरती जा रही है। आसपास के जिलों व गैर राज्यों से आने वाले यात्रियों की न तो थर्मल स्क्रीनिंग हो रही है और नही एंटीजन जांच।
विज्ञापन

स्टेशनों में यात्री और अस्पतालों में मरीज व तीमारदार बिना मास्क के घूम रहे हैं, उन्हें कोई टोकने वाला नहीं है। सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं हो रहा है।
अमर उजाला टीम ने शुक्रवार रविवार को रेलवे, बस स्टेशन व जिला अस्पताल महिला व पुरुष में कोविड हेल्प डेस्क की हकीकत परखी, तो ऐसा ही कुछ देखने को मिला।
डेस्क पर यात्री फरमा रहा था आराम
इटावा रेलवे स्टेशन में आने-जाने वाले यात्रियों की न तो स्क्रीनिंग हो रही है और न ही कोरोना जांच। अमर उजाला की टीम दोपहर में स्टेशन पहुंची।
प्रवेश गेट पर कोरोना जांच के लिए बनी स्वास्थ्य विभाग की टीम की डेस्क खाली थी। कुर्सी पर एक यात्री आराम फरमाता नजर आया। तभी दिल्ली से आने वाली एक ट्रेन रुकी, उससे तमाम यात्री उतरे, लेकिन किसी की जांच नहीं हुई।
विज्ञापन

स्वास्थ्य कर्मी की कुर्सी पर यात्री खाते हैं खाना
रोडवेज बस स्टेशन पर आने वाले यात्रियों की भी एंटीजन जांच होते नहीं मिली। यहां भी स्वास्थ्य विभाग की टीम के लिए डेस्क बनाई गई थी लेकिन वहां स्वास्थ्य अधिकारी नहीं बैठते, बल्कि टीम को यहां यात्री खाना खाते दिखाई दिए। कुर्सियां गायब थीं।
सभी यात्री बिना मास्क के घूम कर रहे थे। सोशल डिस्टेंसिंग भी नहीं थी। परिवहन निगम के परिचालकों को यात्रियों को मास्क लगाने, न होने पर 10 रुपये का मास्क देने व हाथ सैनिटाइज कराने के निर्देश हैं, लेकिन इन निर्देशों का तनिक मात्र पालन नहीं हो रहा है।
समय के साथ जांच हुई बंद
जिला अस्पताल (पुरुष व महिला) दोनों में कोरोना काल के दौरान हेल्प डेस्क बनाई गई थी। बाकायदा यहां अस्पताल प्रशासन ने अपने कर्मचारी तैनात किए थे। वह अस्पताल आने वालों की एंटीजन जांच के साथ ही हाथों को सैनिटाइज कराते थे।
उनका तापमान भी नापते थे, लेकिन अब यह सब कुछ बंद हो चुका है। हेल्प डेस्क बंद हो गई है। जिला महिला और पुरुष दोनों अस्पतालों का यही हाल है।
स्वास्थ्य विभाग भी लापरवाह
इटावा। प्रदेश में डेल्टा प्लस वैरिएंट मिलने के बाद भी यहां स्वास्थ्य विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। यहां जांच की भी कोई व्यवस्था नहीं है। अगर ऐसे में यहां कोई मरीज आ गया और संक्रमण फैलने लगा तो हालात बिगड़ सकते हैं।
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के अलावा किसी को आने-जाने की इजाजत नहीं है। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर रेलवे ने भी प्लेटफार्म टिकट की बिक्री बंद कर रखी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम कभी-कभार यात्रियों के एंटीजन टेस्ट के लिए यहां आती है। स्थायी रूप से टीम को यात्रियों की कोरोना की जांच करना चाहिए। इसके लिए जिला प्रशासन से मांग करेंगे।
- पूरनमन मीणा, रेलवे स्टेशन अधीक्षक, इटावा
इटावा शहर स्थित रोडवेज बस अड्डे पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बस स्टैंड पर यात्रियों की कोरोना की जांच करना खुद की बंद कर दिया। टीम के लिए बस अड्डा परिसर में रखी गई मेज-कुर्सी अभी भी उसी स्थान पर रखीं हैं। परिचालकों से यात्रियों को कोविड नियमों का पालन करने और हाथ सैनिटाइज कराकर मास्क चेक करने के निर्देश हैं। सीटों से ज्यादा यात्रियों को बैठाने वाले चालकों व परिचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। - दीपक चौधरी, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन विभाग, इटावा
सीएमओ डॉ. भगवान दास का दावा है कि रेलवे व बस स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों की कोरोना की जांच कराई जा रही है। एंटीजन टेस्ट व थर्मल स्क्रीनिंग स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें