इटावा। यह पशु चिकित्सालय या आम सड़क का नजारा नहीं है बल्कि यह जिला अस्पताल है। जो आवारा कुत्तों की आरामगाह बना हुआ है। अस्पताल परिसर में कुत्ते घूमते और आराम फरमाते हैं।
ये हालात जिला महिला और पुरुष अस्पताल के हैं। महिला अस्पताल के सीएमएस दफ्तर के सामने कुत्ते दिन भर ओपीडी से वार्ड तक बिना रोक टोक चहलकदमी करते देखे जा सकते हैं।
इन आवारा कुत्तों से अस्पताल में भर्ती महिला मरीजों और उनके नवजात बच्चों की जान का खतरा बना रहता है। कई बार ये कुत्ते मरीजों व उनके तीमारदारों को अपना शिकार बना चुके हैं, लेकिन दिन भर अस्पताल की परिक्रमा करने वाले अस्पताल के अफसरों व कर्मचारियों को यह नजर नहीं आता है।
ऐसे ही दृश्य अक्सर जिला अस्पताल (पुरुष) के आकस्मिक विभाग में देखा जा सकता है। यहां इमरजेंसी के पट्टी कक्ष के बाहर एसी में कुत्ते सोते देखे जा सकते हैं। इन कुत्तों जहां मरीजों की जान को खतरा बना रहा है। वहीं संक्रमण फैलने की भी आशंका बनी रहती है।