इटावा। दिल्ली से लेकर आगरा तक कोरोना वायरस के संदिग्धों के मिलने के बाद जिला अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। बुधवार को डॉक्टर और स्टाफ ने मॉस्क लगाकर काम किया । जिला अस्पताल के तृतीय तल पर दस बेड का कोरोना वायरस आइसोलेशन वार्ड पूरी तरह से तैयार है। डॉक्टरों व स्टाफ की नियुक्ति कर दी गई है। मॉस्क और किटों के आर्डर भी दिए जा चुके हैं।
आइसोलेशन वार्ड में डॉ. विनोद कुमार और डॉ. अजय शर्मा की नियुक्ति की गई है। साथ ही छह स्टाफ नर्स व अन्य स्टाफ को संदिग्ध मरीज आने पर सतर्क रहने के निर्देश दिए जा चुके हैं। जिला अस्पताल में करीब 300 सौ कर्मचारी हैं। सभी को मास्क लगाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि जिला अस्पताल में करीब 10 हजार जनरल मास्क मौजूद हैं। जिला अस्पताल प्रशासन कोरोना वायरस के लिए स्पेशली बने तीन लेयर का मास्क एन 95 और किट इत्यादि मंगाने का आर्डर दे चुका है। इनमें 500 मास्क,100 किट, 3 हजार ग्लब्स, हाथ धोने के लिए 500 सेनेटाइजर मंगाया है। इनके दो दिन में आने की संभावना है।
फिजिशियन डॉ. शांतनु निगम ने बताया कि कोरोना वायरस से बचने के लिए खांसी आने पर मास्क लगाकर या मुंह पर रुमाल बांध कर चलें। हाथ मिलाने से बचें, मिलने पर सेनेटाइजर से हाथ धोएं।
सीएमएस डॉ.एसएस भदौरिया ने कोरोना वायरस के लक्षणों के बारे में बताया कि खांसी आना, सांस फूलना, बुखार तथा दर्द कोरोना के लक्षण हैं। कोरोना वायरस सीधे लंग्स पर अटैक करता है। बताया जिला अस्पताल में किसी भी संदिग्ध मरीज के आने पर उसकी खून की जांच लेकर सैंपल केजीएमसी लखनऊ भेजा जाएगा। वहां से उसे पुणे भेजा जाएगा।
किट में हैं ये सामान
पूरे शरीर मे पहनने वाली एप्रिन, चश्मा, तीन लेयर का मास्क, ग्लब्स, कैप शामिल है। इन्हें पहनकर ही डाक्टर व स्टाफ कोरोना वायरस आइसोलेशन वार्ड में जाएंगे।
सीएमओ डॉ. एनएस तोमर ने बताया कोरोना को लेकर उनकी तैयारी पूरी है। अभी उनके पास195 मास्क व 30 किटें मौजूद हैं।