इटावा। पीएचसी और सबसेंटर के क्षेत्र में आने वाले कैंसर के संभावित, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर रोगियों को चिह्नित कर उनका ब्योरा जुटाने का अभियान स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया है। 30 साल से अधिक आबादी वाले लोगों ब्योरा ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। जरूरत होने पर मरीज को इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर किया जाएगा। चिह्नित मरीजों को उनके घर पर सभी जरूरी दवाएं मुफ्त मुहैया कराई जाएंगी।
जिला कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर प्रभात वाजपेयी ने बताया कि 17 ग्रामीण, दो नगरीय पीएचसी के अलावा 11 सबसेंटर क्षेत्र में जिले की लगभग 3 लाख 24 हजार आबादी आती है। इस आबादी में 30 साल के अधिक आयु के लोगों को सर्वे में शामिल किया जाएगा। यानी लगभग 59940 लोगों का सर्वे होना है। शासन का मानना है कि 30 साल से अधिक आयु के लोगों में ब्लडप्रेशर, डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों की आशंका अधिक रहती है।
प्रभात ने बताया कि सर्वे के लिए आशा और एएनएम को लगाया गया है। विभाग से ट्रेनिंग देकर सीएचओ भी लगाए गए हैं। सर्वे में आशा घर-घर जाकर परिवार के 30 साल आयु से अधिक के प्रत्येक व्यक्ति के नशा करने और रोगों की जानकारी लेंगी। इस डाटा को एनएनएम मौके से ही टैबलेट से फीड कर सीएचओ को भेजेंगी।
सीएचओ पूरा ब्योरा ऑनलाइन कर देंगे। सर्वे में देखा जाएगा कि नशा करने के कारण मुंह में किसी तरह की सड़न, सफेद चकत्ते, महिलाओं के स्तन में गांठ तो नहीं है। इसके साथ ही व्यक्ति ब्लडप्रेशर व डायबिटीज का शिकार तो नहीं है। अगर कैंसर होने की आशंका पाई जाती है तो मरीज को उच्च अस्पताल भेजा जाएगा। आशा को मरीज चिह्नित करने का लक्ष्य भी दिया गया है, ताकि कोई काम में लापरवाही न कर पाए। प्रभात वाजपेयी ने बताया कि अभियान का पहला चरण है, इसे 15 फरवरी तक पूरा करना है।
जिला कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर प्रभात वाजपेयी ने बताया कि कैंसर की आशंका होने पर सबसेंटर से मरीज को पीएचसी, जिला अस्पताल ऑनलाइन ही रेफर कर दिया जाएगा। मरीज को रेफर करने की जानकारी ऑनलाइन ही वहां पहुंच जाएगी। जांच के बाद मरीज को कौन सी दवा दी जाएगी और उसका कब तक इलाज चलेगा। इसका विवरण भी डॉक्टर को आनलाइन दर्ज मरीज के ब्योरा में भरना होगा। इसी आधार पर शासन ने मरीज के लिए दवा आएगी। ये दवा सबसेंटर पर तैनात सीएचओ मरीज के घर पहुंचाएंगे। मरीज नियमित दवा खा रहा है या नहीं इसकी निगरानी सीएचओ के साथ आशा की होगी।
दो तरह के कैंसर समेत चार बीमारियों के मरीजों को चिह्नित करने के लिए पहले चरण का सर्वे शुरू कर दिया गया है। दूसरे चरण में दूसरे क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। शासन की मंशा लोगों को बीमारियों से मुक्ति दिलाना है। इस सर्वे का उद्देश्य लोगों को बीमारियों की जानकारी देकर जागरूक करना भी है। -डा.एनएस तोमर, सीएमओ