इटावा। किराना कारोबारी अनिल पोरवाल ने रिहायशी इलाके में बारूद का गोदाम बना रखा था। उसके ऊपर ही मकान बनाकर वह परिवार के साथ रहता है। अनिल ने जिस तरह बारूद का भंड़ारण कर रखा था।
इससे उसने अपने ही परिवार की नहीं आसपास के लोगों की जान भी जोखिम डाल रखी थी। यह तो भगवान का शुक्र रहा कि गोदाम में आग लगते ही राहत व बचाव कार्य शुरू हो गया।
इसकी वजह से जनहानि नहीं हुई। इस गोदान की जानकारी न तो अग्निशमन विभाग के अफसरों को थी न ही थाना पुलिस को। इससे समझा जा सकता है कि पुलिस और एलआईयू का नेटवर्क कितना तेज है। हालांकि, अनिल का कहना है कि उसके पास 10 क्विंटल गंधक रखने का लाइसेंस है।
धुएं के चलते परेशान हुए कर्मचारी
गोदाम बड़ा होने की वजह से पटाखों की तेज आवाज और गंधक का धुआं अधिक होने की वजह से दमकल कर्मियों को आग बुझाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आग बुझाने के दौरान चुटहिल हुए कर्मचारियों को सीएचसी भेजा गया है। रिहायशी इलाके में कैसे बारूद का गोदाम बनाया गया। इसकी जांच की जाएगी।
आग से झुलसे दमकल कर्मी- फोटो : ETAWAH
आग बुझाने की कोशिश करता व्यक्ति- फोटो : ETAWAH