इटावा। सीएमओ ने कोरोना संक्रमितों के इलाज के दौरान निजी अस्पतालों द्वारा वसूली जाने वाली मनमानी फीस पर उनके संचालकों पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। बताया संक्रमित मरीजों के निजी अस्पताल में इलाज कराने की दरें निर्धारित हैं। सीएमओ डॉ.भगवानदास ने बताया शासन ने आयुष्मान भारत की दरों पर मरीज से शुल्क लेने के निर्देश दिए हैं। शासन की ओर से निर्धारित दरों के आधार पर मरीजों से शुल्क लेने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया शासन ने प्रदेश के जनपदों को ए, बी व सी श्रेणी में विभाजित किया है। तीनों श्रेणियों के अस्पतालों के लिए अलग-अलग दाम तय किए गए हैं। इटावा को सी श्रेणी में रखा गया है। बताया जनपद में कोई भी अस्पताल एनएबीएच श्रेणी का नहीं है, इसलिए यहां अस्पतालों में नान-एनएबीएच श्रेणी के दाम लिए जाएंगे।
सीएमओ डा.भगवान दास ने बताया अस्पतालों का प्रतिदिन का अधिकतम शुल्क- आइसोलेशन बेड ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ- 4800 रुपये, आइसीयू बेड (वेंटिलेटर सहित)- 7800 रुपये, आइसीयू बेड (वेंटिलेटर सहित)- 9000 रुपये (सभी में 1200 रुपये पीपीई किट का चार्ज शामिल है)। शासन की ओर से निर्धारित दरों से सभी निजी कोविड अस्पताल संचालकों को अवगत करा दिया गया है। निजी कोविड अस्पताल अगर इससे अधिक दाम मरीज से लेते हैं या ऐसे कोई शिकायत संज्ञान में आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
नर्सिंग केयर व विजिटिंग का कोई चार्ज नहीं
शासनादेश में निर्धारित दामों के अतिरिक्त दवा, नर्सिंग केयर, मॉनिटरिग, विजिटिग, इमेजिंग, आवश्यक जांचें, चिकित्सक परीक्षण आदि का अलग से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। ऐसी शिकायतें मिलने पर महामारी एक्ट 1897 व उत्तर प्रदेश महामारी कोविड-19 विनियमावली 2020 के अंतर्गत दंडनीय है। कोविड जांच व रेमडेसिविर का शुल्क देना होगा। मरीज को निजी लैब से होने वाली कोरोना जांच के लिए अलग से शुल्क देना होगा, इसके लिए शासन की ओर से निर्धारित शुल्क ही देय होगा। चिकित्सक मरीज को रेमडेसिविर की परामर्श देने पर 1800 रुपये प्रति इंजेक्शन सीएमओ कार्यालय में देना होगा।